
मृतक एसओजी सिपाही व घायल दरोगा
– फोटो : पुलिस
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गोकशों को पकड़ने के लिए दबिश के दौरान दरोगा की पिस्टल से गोली चलने से सिपाही की मौत और दरोगा के जख्मी होने के मामले में जांच जारी है। इसी क्रम में 20 जुलाई से सिपाही परिवार को मुआवजा व क्लेम संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दरोगा की हालत स्थिर बनी हुई है। इधर, मजिस्ट्रेटी जांच के संबंध में एडीएम प्रशासन ने लोगों से साक्ष्य मांगना व मौके पर मौजूद स्टाफ से बयान दर्ज कराने आने के लिए सूचना भिजवाना शुरू कर दिया है।
घटना 17 जुलाई की मध्य रात्रि की है। जब गोकशों के आने की सूचना पर गभाना पुलिस के साथ गांधीपार्क के दरोगा व एसओजी टीम सुमेरपुर के जंगलों में पहुंची थी। तभी दरोगा अजहर हसन की पिस्टल लॉक होने पर गांधीपार्क थाने के दरोगा राजीव ने सही करने के लिए ले ली। इसी दौरान चली गोली से खुद दरोगा राजीव जख्मी हो गया और पीछे चल रहे एसओजी सिपाही याकूब की मौत हो गई।
इस मामले में परिवार को मुआवजे के लिए पुलिस ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके संबंध में शनिवार को आवेदन भरवाए जाने की व्यवस्था की गई। वहीं, एक दिन का वेतन आने वाले माह के प्रथम सप्ताह में एकत्रित कर दे दिया जाएगा। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक के अनुसार दरोगा की हालत स्थिर बनी हुई है।
डॉक्टर 22 जुलाई या 23 जुलाई तक आगे का अपडेट देंगे। तभी कुछ पता चलेगा कि उसे कितनी गंभीर चोट है और आगे कितने दिन और लगेंगे। वहीं इस मामले में एडीएम प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच शुरू करते हुए लोगों से साक्ष्य व बयान तलब किए हैं।
