
अवैध ब्रीडिंग का प्रचार
– फोटो : अमर उजाला
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आगरा में कुत्तों की ब्रीडिंग का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। दुकानों पर पोस्टर के जरिए और सोशल मीडिया से अवैध ब्रीडिंग का प्रचार चल रहा है। नगर निगम अवैध ब्रीडिंग करने वालों के सामने लाचार है। शहर में एक भी रजिस्ट्रेशन नगर निगम में नहीं कराया गया है। सोशल मीडिया के जरिए सीधे ग्राहकों के संपर्क में बने हैं।
ब्रीडिंग के क्या नियम हैं, इसकी जानकारी ब्रीडिंग करने वालों को नहीं है। उत्तेजक इंजेक्शन और अप्राकृतिक रूप से उनके साथ हर तरीके का दुर्व्यवहार करके ब्रीडिंग करने वाले पिल्लों की बिक्री कर रहे हैं। सोशल साइट पर भी विदेशी नस्ल के पिल्लों की बिक्री के लिए ऑनलाइन पेज दिखते हैं। नगर निगम का अंकुश इन पर नहीं है।
स्वास्थ्य पर पड़ता है प्रभाव
आवास विकास काॅलोनी निवासी अमित गोयल ने बताया कि ब्रीडिंग के लिए इंजेक्शन लगाते हैं। इससे विदेशी नस्ल के कुत्तों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। जगह-जगह पिल्लों की खरीद के पोस्टर दिखते हैं। 20 साल से पीएफए के साथ काम कर रहा हूं। अवैध ब्रीडिंग का धंधा बंद होना चाहिए।
लगे पाबंदी, हो कार्रवाई
फुलट्टी निवासी दानिश का कहना है कि अवैध ब्रीडिंग करने वालों ने कुत्तों को बच्चे पैदा करने वाली मशीन समझ लिया है। इसमें उन्हें बड़ा मुनाफा हो रहा है। ऐसे लोगों पर पाबंदी और कार्रवाई होनी चाहिए।
क्रूरता हो बंद
कमला नगर निवासी जय अग्रवाल ने बताया कि बल्केश्वर हो या कमला नगर, राजपुर चुंगी हो या शाहगंज, सभी जगह पिल्लों की बिक्री के पोस्टर दिखेंगे। अवैध रूप से चल रही ब्रीडिंग बंद हो। इसकी आड़ में कुत्तों के साथ क्रूरता बरती जा रही है।
ज्यादा नस्ल नहीं रख सकते
भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की प्रतिनिधि विनीता अरोड़ा ने बताया कि ब्रीडर के पास सिर्फ दो नस्ल के ही कुत्ते होने चाहिए। इससे ज्यादा नस्ल के कुत्ते नहीं रख सकते हैं। उन कुत्तों का वैक्सीनेशन होना चाहिए। 5 साल के बाद ब्रीडिंग वाले कुत्तों की नसबंदी करवाना जरूरी है। उसके बाद ब्रीडर चाहे तो गोद दे सकता है या फिर किसी एनजीओ को रखने के लिए दे सकता है। ब्रीडर ही उस कुत्ते के खाने-पीने की सारी व्यवस्था करेगा। ब्रीडिंग के लिए कुत्तों को जहां भी रखा जाए उसे खुली जगह में रखना है, किसी जगह बांधकर नहीं।
पोस्टर हटवा देने का दावा
पशु चिकित्सा अधिकारी नगर निगम डॉ. अजय सिंह ने बताया कि नगर निगम प्रशासन की ओर से कुछ जगह कार्रवाई की गई थी। जिन दुकानों पर पिल्ले ही पिल्ले के पोस्टर लगे थे उनको हटवा दिया गया। अब शहर में पिल्ले के पोस्टर नहीं लगे हैं ।
