Proposal worth crores approved, five thousand new establishments come under tax net

गोंडा के जिला पंचायत सभागार में बिजली के मुद्दे पर सवाल करते जिपं सदस्य मनोज शुक्ला।

गोंडा। जिला पंचायत बोर्ड बैठक के दौरान शुक्रवार को बिजली, पानी, सड़क और रोजगार समेत करोड़ों रुपये के प्रस्तावों पर मुहर लगी। सभागार में विकास कार्यों की चर्चा के दौरान सदस्यों व अधिकारियों के बीच तनाव भी उभरकर सामने आया। जिला पंचायत क्षेत्र में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे ईंट भट्ठा, पेट्रोल पंप, शराब, राइस मिल और गैस गोदाम समेत छोटे-बड़े करीब पांच हजार दुकानदारों को न्यूनतम 600 से अधिकतम 6000 रुपये टैक्स देना होगा। यह 20 हजार रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले दुकानदारों पर लागू होगा, वहीं वार्षिक आय का तीन प्रतिशत टैक्स अदा करना होगा।

सुबह करीब 11:40 बजे से बैठक शुरू हुई। सबसे पहले मनरेगा के तहत 2024-25 श्रम बजट बिना किसी चर्चा के ही पास कर दिया गया। ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत की विकास योजना की स्वीकृति भी दी गई। यही नहीं, पुनरीक्षित बजट को लेकर भी प्रस्ताव पास किया गया। करीब 50 मिनट में ही जिला पंचायत सभागार में करोड़ों के विकास कार्यों के प्रस्तावित बजट को हरी झंडी मिल गई। जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीडीओ एम. अरुन्मोली व अपर मुख्य अधिकारी पुनीत वर्मा ने प्रस्तावों पर चर्चा की।

बैठक में कुल 90 सदस्यों में मूल व पदेन मिलाकर 67 सदस्य शामिल हुए। कैसरगंज और गोंडा लोकसभा क्षेत्र के दोनों सांसद अनुपस्थित रहे। मनकापुर विधायक रमापति शास्त्री, गौरा विधायक प्रभात वर्मा व सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह भी नहीं पहुंचे। कटराबाजार विधायक बावन सिंह ने उपस्थिति दर्ज कराई और क्षेत्र में एक अन्य कार्यक्रम के लिए निकल गये। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, एमएलसी अवधेश कुमार सिंह मंजू, तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय, मेहनौन विधायक विनय कुमार द्विवेदी, करनैलगंज विधायक अजय सिंह पूरे समय बैठक में मौजूद रहे और चर्चा में भी हिस्सा लिए।

नक्शा स्वीकृति वृद्धि दर प्रस्ताव लंबित

वर्तमान में जिला पंचायत क्षेत्र में आवासीय व व्यावसायिक इमारतों के नक्शा स्वीकृति पर 25 रुपये प्रति वर्ग मीटर अदा करना होता है। ऐसे में जिला पंचायत स्तर से इसे बढ़ाकर आवासीय के लिए 50 और व्यावसायिक के लिए 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन बैठक में इसकी स्वीकृति नहीं मिनी।

अफसरों की कार्यशैली पर फूटा गुस्सा, हंगामेदार रही बोर्ड बैठक

संवाद न्यूज एजेंसी

गोंडा। जिला पंचायत सभागार में आयोजित बोर्ड बैठक में अफसरों की कार्यशैली पर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद बिजली, पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा, पशुपालन, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, आरईडी समेत अन्य विभागों के अधिकारी निशाने पर रहे। इस दौरान सदस्यों ने सदन में एक्सईएन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव रखा।

कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव कुमार सिंह ने पावर कॉर्पोरेशन एक्सईएन राधेश्याम भास्कर से पूछा कि एलबीएस-झंझरी समेत शहर के मुख्य मार्गों से जर्जर तार और पोल क्यों नहीं हटाए गए? हालांकि देवीपाटन मंडल में 433 करोड़ की आरडीएसएस योजनाएं संचालित हो रहीं। जिपं सदस्य मनोज शुक्ल ने कहा कि बिजली विभाग में मानक विहीन काम कराए जा रहे हैं। कार्यदायी संस्था एनसीसी का नाम इस्तेमाल कर स्थानीय स्तर पर गैर प्रशिक्षित लोगों से काम कराया जा रहा है।

इसपर एक्सईएन राधेश्याम भास्कर ने कहा कि विभागीय जांच के अलावा तीन स्तर से निरीक्षण के बाद ही किसी काम को स्वीकृति मिलती है। इससे गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। वजीरगंज के बरईपारा में घर के ऊपर से हाईटेंशन लाइन न हटाने पर कभी भी हादसा हो सकता है। इस पर एक्सईएन ने कहा कि विभाग कभी घर के ऊपर से लाइन नहीं ले जाता है। ऐसे में लाइन पहले व घर बाद में बनाया गया है। एमएलसी अवधेश कुमार सिंह ने एक्सईएन राधेश्याम भास्कर से कहा कि विभाग को व्यावहारिक तरीके से पेश आना चाहिए। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी पुनीत वर्मा, डीडीओ सुशील कुमार और डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद भी मौजूद रहे।

बीएसए पर दुर्व्यवहार का आरोप

एक सदस्य ने बीएसए प्रेमचंद यादव पर अभद्रता का आरोप लगाया। इस पर सीडीओ ने बीएसए से जवाब तलब किया। मामला बढ़ता देख बीएसए ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी, साथ ही कहा कि उन्हें जनप्रतिनिधि की जानकारी नहीं थी। इस पर सदस्यों ने पूछा कि आमजनों से ऐसा ही व्यवहार करते हैं?

पंचायत राज विभाग के बचाव में आईं सीडीओ

सदस्यों ने कहा कि गांवों में सार्वजनिक शौचालयों के बिना संचालन ही संस्थाओं को भुगतान किया जा रहा है। इसपर सीडीओ एम अरुन्मोली ने कहा कि जिन गांवों में बिना संचालन भुगतान हो रहा है उसकी जानकारी उपलब्ध कराएं, कार्रवाई होगी। इस पर सदस्यों ने काजीदेवर और बिरवा बभनी समेत तमाम गांवों के नाम गिना दिए।

मां बाराही और दतौली मार्ग को उठाया मुद्दा

जिला पंचायत सदस्य आनंदसेन विश्वकर्मा ने धानेपुर-दतौली 16 किमी चौड़े मार्ग का मुद्दा उठाया। कहा कि सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। इटियाथोक में जलनिकासी के लिए नाला बनाने की मांग भी उठाई। कौड़िया-बिछूडी मांर्ग पर गलत तरीके से बोर्ड लगाने को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। सोनबरसा-मोतीगंज व खरहटिया गांव का रोड लंबे समय बाद भी मरम्मत न होने पर सदस्यों ने गुस्सा जताया।

महिला सदस्यों ने भी बुलंद की आवाज

सुधा सिंह समेत महिला सदस्यों ने कहा कि लघु सिंचाई के तहत दिए जाने वाले पंपिंग सेट आपात्रों को बांट दिए गए हैं। वहीं करनैलगंज में सरयू घाट की साफ-सफाई का मुद्दा उठाया गया। इस दौरान सीडीओ ने कहा कि सरयू घाट कछुओं के लिए आरक्षित किया गया है। वहां 80 प्रजातियों के कछुए पाए जा रहे हैं। ऐसे में साफ-सफाई संभव नहीं है।

सभी बिंदुओं पर होगी कार्रवाई

बैठक में जनप्रतिनिधियों की ओर से अहम सुझाव आए हैं। वहीं, कई शिकायतें की गई हैं। जनप्रतिनिधियों की ओर से जांच की मांग की गई है। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

– एम. अरुन्मोली, सीडीओ

जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं

जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी जनप्रतिनिधियों को लेकर संयमित रहें। सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्यों की स्वीकृति मिलेगी। किसी से कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।

-घनश्याम मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष



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