आगरा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। खेरिया हवाई अड्डे से मलपुरा तक प्रस्तावित मॉडल रोड प्रोजेक्ट में नियमों को ताक पर रख दिए गए। सड़क निर्माण से पहले ही डिवाइडर की नींव रख दी गई। इस मामले पर फतेहपुर सीकरी के भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के आदेश दिए हैं। ऐसे में विभाग के अधिकारी जांच के निशाने पर आ गए है।
सड़क के दोनों ओर न तो नाले बने और न ही सालों पुराने अतिक्रमण को हटाया गया लेकिन कागजों और जमीन पर एक डिवाइडर खड़ा कर दिया गया। इसका कोई तकनीकी औचित्य ही नहीं है। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में यह मुद्दा गर्माया था। भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने पूछा था कि जब सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है, तो बिना किसी सलाह और तकनीकी सर्वे के डिवाइडर का निर्माण क्यों शुरू करा दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सरकारी धन की खुली बर्बादी है। सबसे पहले अतिक्रमण हटाए जाए। डिवाइडर निर्माण की तकनीकी टीम से जांच कराने का निर्देश दिया है।
वर्जन
भ्रष्टाचार के इस मॉडल को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना नाला निर्माण और बिना मास्टर प्लान के डिवाइडर बनाना केवल बजट खपाने का जरिया है। इसकी मजिस्ट्रेट जांच कराई जा रही है और दोषी अफसरों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। — राजकुमार चाहर, सांसद, फतेहपुर सीकरी
नगर सीमा में शामिल होगा धनौली
नया सिविल एन्क्लेव (हवाई अड्डा) बनने से क्षेत्र में विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में धनौली ग्राम पंचायत को अब नगर निगम की सीमा में शामिल करने की कवायद हो रही है। सांसद राजकुमार चाहर ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने भी निरीक्षण के दौरान धनौली को नगर सीमा में शामिल कराने का आश्वासन दिया था।
दोषी इंजीनियरों पर गाज गिरना तय
डिवाइडर की गुणवत्ता और इसके औचित्य की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में एक तकनीकी टीम का गठन किया गया है। जांच में यदि कार्य मानक विहीन पाया गया या फिजूलखर्ची साबित हुई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
