
फरार हुआ युवक।
– फोटो : amar ujala
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बड़ा मठ डलमऊ में जम्मू कश्मीर के एक मुस्लिम युवक ने हिंदू बनकर दीक्षा लेने का प्रयास किया। आधार कार्ड मांगने पर उसने ड्राइविंग लाइसेंस दिखाया जिसमें उसका पता जम्मू कश्मीर लिखा था। इससे पहले कि मठ के साधु संत सूचना देकर पुलिस को बुलाते मुस्लिम युवक फरार हो गया। युवक आधा घंटे तक मठ में रुका था और पूछने पर बताया था कि महाराष्ट्र के साधु संतों ने उसे मठ दीक्षा लेने के लिए भेजा। मुस्लिम युवक की इस साजिश के पीछे बड़ा मठ को नुकसान पहुंचाने के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही आतंकी कनेक्शन से भी इंकार नहीं किया जा सकता। मठ के साधु संतों व बच्चों में दहशत है। पुलिस युवक की तलाश कर रही है।
रायबरेली जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर गंगा नदी के किनारे डलमऊ कस्बा में बड़ा मठ स्थित है, जहां पर बच्चों को संस्कृत की दीक्षा दी जाती है। बड़ा मठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद महाराज के मुताबिक 15 सितंबर की रात करीब आठ बजे 35 वर्षीय व्यक्ति साधु के भेष में मठ पहुंचा और बताया कि महाराष्ट्र के साधु संतों ने उसे यहां भेजा है और कहा कि डलमऊ बड़ा मत जाकर शिक्षा ग्रहण करो। इस पर युवक का स्वागत किया गया। उसे भोजन खिलाया गया। इसके बाद आधार कार्ड मांगा गया तो उसने ड्राइविंग लाइसेंस दिखाया। ड्राइविंग लाइसेंस जम्मू कश्मीर का था और उसमें मो. सलीम लिखा था। मामला संदिग्ध दिखने पर इसकी सूचना पुलिस को दी।
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पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवक मौके से भाग निकला।
स्वामी दिव्यानंद के मुताबिक जिस तरह युवक हिंदू बनकर दीक्षा लेने यहां पहुंचा, उससे आशंका है कि उसका इरादा मठ को नुकसान पहुंचाना था। साथ ही उसने जिस तरह खुद को दीक्षा लेने की बात बताई उससे युवक के आतंकी कनेक्शन से इंकार नहीं किया जा सकता। कोतवाली प्रभारी पवन कुमार सोनकर ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर भेजी गई थी लेकिन संदिग्ध युवक नहीं मिला था। उसके बारे में पड़ताल कराई जा रही है।
सफेद कुर्ती, भगवा रंग का पहने था अचला
बड़ा मठ आए युवक ने दाढ़ी रखी थी। सफेद कुर्ता, भगवा रंग का अचला पहने था साथ ही दाहिने हाथ में रुद्राक्ष की माला और बायें हाथ में टैटू गोदवा रखा था। रंग गोरा था। आधा घंटे तक ही वह मठ में रुका था। इसी दौरान आधार कार्ड मांगने पर वह फरार हो गया। संदिग्ध व्यक्ति के मठ जाने के बाद से हड़कंप मचा है।
1957 में हुई थी बड़ा मठ की स्थापना
गंगा नदी के किनारे साल 1957 में बड़ा मठ की स्थापना हुई थी। मौजूदा समय में यहां पर 37 बच्चे दीक्षा ले रहे हैं। गंगा नदी के किनारे मठ होने के कारण इसकी सुरक्षा अहम रहती है। पास में ही डलमऊ चौकी भी स्थापित की गई है। बावजूद इसके संदिग्ध व्यक्ति के मठ तक पहुंच जाने से जाहिर है कि उसका मकसद कुछ बड़ा था। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह का कहना है कि बड़ा मठ डलमऊ में साधु के भेष में संदिग्ध व्यक्ति के पहुंचने की जानकारी नहीं है। स्थानीय पुलिस ने भी इस बारे में कुछ नहीं बताया है। प्रकरण गंभीर है। इसे दिखवाया जाएगा।
