
रायबरेली में सोमवार को लालगंज कोतवाली क्षेत्र के बहाई गांव के निकट सडक़ हादसे में बाइक सवार तीन
लालगंज (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के बहाई गांव के निकट रविवार की देर रात बिजली के खंभे से टकराने के चलते बाइक सवार दो चचेरे भाइयों समेत तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक जख्मी हो गया। ट्रक को ओवरटेक करने के चलते दो बाइकें अनियंत्रित हुईं और खंभे से टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि खंभा भी टूटकर युवकों के ऊपर गिर गया। हादसे के बाद युवक गड्ढे में जा गिरे। हादसा इतना दर्दनाक था कि सभी युवकों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं। यहां तक कि युवकों के हाथ व पैर तक टूट गए। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया।
सरेनी थाना क्षेत्र के पूरे उसरहा पूरे चंद्रशेखर मजरे गोपाली खेड़ा गांव निवासी अभिषेक उर्फ गोपाल मिश्रा (25), उनका चचेरा भाई शिवेंद्र मिश्रा (24), बेनीमाधवगंज निवासी प्रशांत वाजपेयी (26) और पूरे बचरी मजरे सागरखेड़ा निवासी राजेश कुमार (28) रात में दोस्त के यहांं पार्टी में शामिल होने की बात कहकर दो नई बाइकों से शाम करीब सात बजे घर से निकले थे। बताते हैं कि सभी लालगंज से डलमऊ की तरफ जा रहे थे।
रात करीब 12 बजे डलमऊ की तरफ से लालगंज की तरफ एक ट्रक आ रहा था। ओवरटेक के दौरान बाइकें अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जाकर बहाई गांव के निकट बिजली के खंभे से टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि खंभा टूटकर गिर गया और दोनों बाइकों का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद दोनों बाइकों पर सवार युवक बाइक समेत खड्ड में जा गिरे। सुबह ग्रामीणों ने उन्हें खड्ड में पड़ा देखा तब घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर सभी को बाहर निकाला। इस दौरान अभिषेक, उनके चचेरे भाई शिवेंद्र, प्रशांत वाजपेयी की मौत हो चुकी थी। राजेश कुमार गंभीर रूप से घायल था।
राजेश ने किसी तरह गड्ढे से बाहर निकलकर हादसे की सूचना परिजनों को दी। आशंका जताई जा रही है कि देर रात में दुर्घटना होने और मृतक युवकों की बाइकें खड्ड में पड़ी होने के कारण लोगों को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों युवकों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। कोतवाली प्रभारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि हादसे की जांच कराई जा रही है।
डाक विभाग में कार्यरत था प्रशांत
मृतक अभिषेक उर्फ गोपाल का गांव में ही सेनेटरी टाइल्स का बड़ा कारोबार था, जबकि उनका चचेरा भाई शिवेंद्र की मलकेगांव में पेंट और सेनेटरी की दुकान थी। प्रशांत वाजपेयी डाक विभाग में कार्यरत था।
