हाथरस में चंदपा क्षेत्र के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म कांड में अदालत से बरी अभियुक्तों को आरोपी बताए जाने के मामले में नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी की ओर से 16 मार्च को एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट में आपत्ति दाखिल की गई। आपत्ति में राहुल गांधी ने आरोपों को गलत बताते हुए परिवाद खारिज करने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई अब 13 अप्रैल को होगी।
दरअसल थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर 2020 को अनुसूचित जाति की युवती के साथ दरिंदगी का मामला पूरे देश में चर्चा में रहा था। इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी और चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। दो मार्च 2023 को आए न्यायालय के फैसले में एक आरोपी को उम्रकैद की सजा दी गई थी, जबकि तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया था।
12 दिसंबर 2024 को राहुल गांधी पीड़िता के गांव पहुंचे थे और परिवार से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि पीड़ित परिवार स्वतंत्र रूप से आ-जा नहीं पा रहा है, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। यह बयान बाद में उनके एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से भी पोस्ट किया गया था। इन्हीं बयानों को लेकर बरी हुए तीन आरोपियों में से एक रामवीर ने 24 दिसंबर 2025 को राहुल गांधी को नोटिस भेजा था और 50 लाख रुपये के मानहानि प्रतिकर की मांग की थी। जवाब न मिलने पर 24 जनवरी 2025 को एमपी/एमएलए कोर्ट में मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया था।
