रायबरेली। सांसदों की अध्यक्षता में होने वाली केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा के लिए भारत सरकार ने जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति (दिशा) के सभापतियों की घोषणा कर दी है। नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी को रायबरेली के साथ अमेठी में भी केंद्रीय योजनाओं में खामियां खंगालने का मौका दिया गया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने उन्हें अमेठी संसदीय क्षेत्र में दिशा के लिए विशेष आमंत्री नामित किया है। केंद्र में नई सरकार बनने के बाद आगामी अक्तूबर में दिशा की पहली बैठक हो सकती है।

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जिले स्तर पर सांसदों की अध्यक्षता में हर तीन माह में दिशा की बैठक की व्यवस्था की गई है। दिशा में जिले का सांसद सभापति होता है। इसके अलावा विधायक, एमएलसी, ब्लॉक प्रमुख सदस्य होते हैं। सभापति आठ अन्य सदस्यों को स्वयं नामित करता है। केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद भारत सरकार ने दिशा के सभापतियों की घोषणा कर दी है।

नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी को रायबरेली दिशा का सभापति नामित किया गया है। अमेठी में सांसद केएल शर्मा सभापति बनाए गए हैं, लेकिन राहुल गांधी को दिशा के लिए विशेष आमंत्री नामित किया गया है। यह व्यवस्था पहली बार की गई है। रायबरेली सांसद अमेठी की दिशा की बैठक में विशेष आमंत्री सदस्य के रूप में शामिल हो सकेंगे।

परियोजना निदेशक डीआरडीए राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि भारत सरकार से जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति के लिए सभापति नामित हो गए हैं। सांसद राहुल गांधी को रायबरेली दिशा में सभापति व अमेठी में विशेष आमंत्री सदस्य नामित किया गया है। अक्तूबर माह में दिशा की बैठक हो सकती है।

पहली बार किशोरी लाल संभालेंगे सभाापति की कुर्सी

जिले में जब तक सोनिया गांधी की अध्यक्षता में दिशा की बैठक हुई, किशोरी लाल शर्मा सांसद प्रतिनिधि के रूप में बैठक में शामिल हुए। इस बार अमेठी में होने वाली दिशा की बैठक में वे खुद सांसद होने के नाते सभापति की कुर्सी संभालेंगे। विशेष आमंत्री होने के कारण राहुल गांधी बगल की कुर्सी पर बैठक सकते हैं।

स्मृति ईरानी रायबरेली व अमेठी में रह चुकीं सभापति

वैसे तो जिले का सांसद ही दिशा का सभापति होता है, लेकिन 2019 के चुनाव के बाद केंद्रीय मंत्री व अमेठी से सांसद रहीं स्मृति ईरानी को रायबरेली दिशा का भी सभापति बनाया गया था। जिले की सांसद रहीं सोनिया गांधी को उप सभापति नामित किया गया था, जिसके कारण सोनिया कभी भी दिशा की बैठक में शामिल होने के लिए नहीं आईं। पूर्व में 16 साल तक सोनिया ने सभापति के रूप में दिशा की बैठक में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की थी।

दो साल बाद अब होगी दिशा की बैठक

प्रत्येक तीन माह में होने वाली दिशा की बैठक पिछले दो साल से नहीं हुई है। स्मृति ईरानी की अध्यक्षता में पिछली बैठक 28 अगस्त 2022 को हुई। इसके बाद कई बार सभापति को बैठक के लिए पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक बैठक नहीं हो सकी। अब सभापति नामित होने के बाद अक्तूबर माह में बैठक होने की उम्मीद है।



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