
अमेठी में सभा को संबोधित करते राहुल गांधी
अमेठी। क्षेत्र के नंदमहर धाम के मैदान में शुक्रवार को पहली बार कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक साथ मंच पर दिखे। दोनों नेताओं ने युवाओं, किसानों व महिलाओं को साधने की पूरी कोशिश की।
रायबरेली से चुनाव लड़ रहे राहुल गांधी का पूरा फोकस अमेठी से पुराने नाते को ताजा करने पर था। यहां तक कि 28 मिनट के भाषण में राहुल गांधी ने एक दो बार नहीं, बल्कि 40 बार अमेठी का नाम लिया। राहुल ने हर तरह से अपने को अमेठी का दर्शाने की कोशिश की। कहा कि आप यह मत समझिए मैं रायबरेली से चुनाव लड़ रहा हूं, मैं आपका हूं, अमेठी का हूं, था और रहूंगा।
वर्ष 1999 में अमेठी से राजनीतिक रण में उतरने वाली सोनिया गांधी ने वर्ष 2004 में यहां की बागडोर राहुल गांधी को सौंप दी थी। वर्ष 2004, 2009 व 2014 में लगातार तीन बार राहुल गांधी यहां से चुनाव जीते। वर्ष 2019 के चुनाव में राहुल गांधी को भाजपा की स्मृति जूबिन इरानी ने 55 हजार वोटों के अंतर से हरा दिया। चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी अमेठी सिर्फ पांच बार आए।
नामांकन के अंतिम दिन किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बना दिया गया। हालांकि किशोरी लाल शर्मा गांधी परिवार के करीबी हैं।
शुक्रवार को यहां पर सभा करने पहुंचे कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से अपने रिश्तों को लेकर खुलकर बोले। कहा कि अमेठी पहली बार वह 42 साल पहले आए थे। उस वक्त वह 12 साल के बच्चे थे। पिता राजीव गांधी के साथ आया था। कहा कि जो भी राजनीति में मैंने सीखा है, वह अमेठी की जनता ने मुझे सिखाया है। 12 साल की उम्र में आया था, उस समय यहां पर सड़कें नहीं थी, ऊसर जमीन थी कोई विकास नहीं था। कहा कि अमेठी का मेरे पिता से जो रिश्ता था, मोहब्बत थी। वह मैंने अपने आंखों से देखा था, वही मेरी भी राजनीति है।
कहा कि मेरे पिताजी ने 150 कोऑर्डिनेटर बनाए थे, उसमें किशोरी लाल शर्मा जी भी थे। राहुल गांधी ने साफ कहा कि मैं आपके साथ हूँ, जो रायबरेली के लिए होगा, वो अमेठी के लिए होगा। जितना मैं रायबरेली के लिए करूँगा, उतना ही मैं अमेठी के लिए करूंगा। आप हमारे हो, आप मेरे हो, परिवार का रिश्ता है, पुराना रिश्ता है। संवाद
पार्टी से बेगाने हुए विधायकों को अखिलेश ने घेरा
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी वालों ने समाजवादियों को कितना बदनाम किया था, पहले हमारे विधायक को झूठा फंसाया। आज जब खुद फंस गए तो जाकर उनके सामने खुद झुक गए। कहा कि दूसरा आदमी तो कमाल का है, जो हाल ही में मुझे धोखा देकर गया है। जब से धोखा दिया है नई-नई गाड़ियां आ रही हैं, जब पहले भी धोखा दिया था तब भी नई गाड़ी आई थी। एक गाड़ी में बैठकर जमीन देखने गए थे। कहा कि एक हमारे साथी ने सारस से दोस्ती कर ली थी, सारस से दोस्ती करने पर उसे पकड़ कर ले गए, परेशान किया। अखिलेश यादव ने इसके अतिरिक्त कई अन्य मुद्दों पर घेरा।
यह रहे मौजूद
सभा से पहले दोनों नेताओं ने नंदमहर धाम में नंद बाबा के दर्शन किया। सभा में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रभारी अमेठी लोकसभा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय महासचिव प्रभारी उत्तर प्रदेश अविनाश पांडे, लोकदल चौधरी सुनील सिंह, महासचिव गुलाम अहमद मीर,राष्ट्रीय सचिव नीलांशु चतुर्वेदी, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, जिला अध्यक्ष प्रदीप सिंघल, मीडिया कोऑर्डिनेटर अमेठी संसदीय क्षेत्र प्रवक्ता अंशू अवस्थी, अनुज त्रिपाठी मौजूद थे।
