Raid on two factories of fake animal medicines goods worth Rs 3.5 crore seized

नकली दवा फैक्टरी
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा में पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने शास्त्रीपुरम में पशुओं की नकली दवा बनाने की दो फैक्टरियां पकड़ी हैं। इसमें करीब 3.5 करोड़ रुपये की दवाएं, कच्चा माल और मशीनें जब्त की गई हैं। सात जिलों के औषधि विभाग की टीम दवाओं की जांच करने में जुटी है। अब तक 20 नमूने लिए जा चुके हैं। पूरी जांच करने में अभी 24 घंटे का और समय सकता है। अवैध फैक्टरियाें को जीजा-साले चला रहे थे।

सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि पुलिस के मुखबिर की सूचना पर सोमवार देर रात शास्त्रीपुरम में दो फैक्टरियों पर छापा मारा गया। इनके संचालक वैभव वाटिका दयालबाग निवासी अश्वनी गुप्ता और नरसी विलेज शास्त्रीपुरम निवासी सौरभ दुबे हैं। इनके पास फैक्टरी का लाइसेंस नहीं था। यहां पशुओं की दर्द निवारक, पेट रोग, बुखार, एंटी बैक्टीरियल, एंटीबायोटिक समेत अन्य तरह की दवाएं और इंजेक्शन बनाए जा रहे थे।

फैक्टरी में पैकिंग मशीन, मिक्चर मशीन, रैपर, खाली बोतल-ड्रम, केमिकल से भरे ड्रम, वजन करने वाली मशीनें और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ है। कार्टन में पैकिंग की गई दवाएं और अधूरी निर्मित दवाएं भी मिलीं हैं। फैक्टरी के अलग-अलग कमरों में माल भरा था। दवाओं की जांच और सूची बनाने के लिए सात जिलों की टीमें बुलाई गई हैं।

दवाओं-मशीनों को जब्त कर लिया है, रिपोर्ट बनाई जा रही है। अब तक 20 दवाओं के नमूने लिए गए हैं। दोनों फैक्टरियों में 3.5 करोड़ से अधिक की दवाएं-कच्चा माल होने की संभावना है। इसमें अश्वनी गुप्ता की फैक्टरी में 2 करोड़ और सौरभ दुबे की फैक्टरी में करीब 1.5 करोड़ का सामान है। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि अश्वनी गुप्ता बीएससी पास है। उसके साथ पत्नी निधि, दूसरी फैक्टरी के संचालक एमबीए पास अश्वनी के साले सौरभ दुबे और काली नगर फतेहाबाद निवासी उस्मान को गिरफ्तार किया गया है।

 



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