फोटो: 14 खारजा झाल कुंड के सामने से हटाई गई रेलिंग से बना रास्ता

सिल्ट सफाई के दौरान रेलिंग व लगाए गए ड्रमों को हटा दिया गया था

रोक न होने से अब वाहनों के कुंड में गिरने का बना हुआ है खतरा

संवाद न्यूज एजेंसी

जसवंतनगर। क्षेत्र से होकर निकली यमुना नदी की तलहटी में स्थित प्राचीन ब्रह्माणी देवी मंदिर को जाने वाले रास्ते पर स्थित खारजा झाल पुल पर सुरक्षा इंतजाम हटने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। सप्तधारा कुंड पर कुछ वर्ष पूर्व ग्रामीणों द्वारा लगाए गए लोहे के ड्रम हट जाने से तेज रफ्तार वाहनों के कुंड में गिरने की आशंका बनी हुई है।

यह मार्ग नगला तौर, सरामई, घुराह, पूछरी, जाखन, लुंगे की मड़ैया, कछपुरा, पीहरपुर, खंदिया और नगला सलहदी सहित 12 गांवों को जोड़ता है। साथ ही इसी रास्ते से श्रद्धालु प्राचीन ब्रह्माणी देवी मंदिर भी दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। ग्रामीण गिर्राज, दीपू, छोटे, सिंटू, बाले, रामेंद्र, श्यामू योगेश, रामपाल, शैलेंद्र, राजू आदि का कहना है कि पहले इस पुल पर आए दिन हादसे होते रहते थे। बलरई की ओर से आने वाले कई वाहन चालक मोड़ पर वाहन नियंत्रित नहीं कर पाते थे और सीधे लगभग 50 फुट गहरे सप्तधारा कुंड में गिर जाते थे।

हादसों को रोकने के लिए कुछ वर्ष पूर्व नगला तौर गांव के युवाओं ने चंदा कर पुल के किनारों पर लोहे के ड्रम जमीन में गाड़ दिए थे और दीवारों पर लोहे की रेलिंग भी लगाई थी, जिससे दुर्घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग गई थी। हाल ही में खारजा झाल की सिल्ट सफाई के दौरान ठेकेदार ने पुल से पहले लगाए गए इन ड्रमों को उखाड़ दिया और सड़क से सीधे मिट्टी की ढलान बना दी। इससे अब पुल के किनारे कोई सुरक्षा अवरोध नहीं बचा है और तेज रफ्तार वाहन सीधे कुंड की ओर फिसल सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि 19 मार्च से ब्रह्माणी देवी मंदिर पर चैत्र नवरात्र का प्रसिद्ध लख्खी मेला शुरू होने जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और वाहन इस मार्ग से गुजरेंगे। ऐसे में सुरक्षा इंतजाम न होने से बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है। वहीं इस संबंध में भोगनीपुर गंग नहर विभाग के जेई महिपाल सिंह ने बताया कि बजट मिलते ही पुल पर पहले की तरह सुरक्षा के इंतजाम कर दिए जाएंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना न रहे।



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