होली के त्योहार में अभी 24 दिन शेष हैं, लेकिन घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ के कारण ट्रेनों में अभी से ‘नो रूम’ की स्थिति पैदा हो गई है। दिल्ली-हावड़ा और पटना मार्ग की 80 प्रतिशत ट्रेनों में स्लीपर से लेकर फर्स्ट एसी तक सीटें फुल हो चुकी हैं।
यात्री मृत्युंजय कुमार और सुब्रत दास गुप्ता ने बताया कि दो महीने पहले से बुकिंग होने के कारण अब लंबी वेटिंग मिल रही है, जिससे यात्रा की चिंता सता रही है। वहीं, वाराणसी के पवन कुमार ने घर पहुंचने की बेताबी जाहिर करते हुए जनरल कोच में भी सफर करने की बात कही। मुख्य ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 से 200 के पार पहुंच गई है, जिससे नौकरीपेशा और मजदूर वर्ग को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
होली से पहले ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 90 के पार हो गई है। इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है। होली 4 मार्च को है। ट्रेनों में 8 मार्च तक सीटें बुक हैं। कमोवेश यही स्थिति लंबी दूरी की ट्रेनों की है। ज्यादातर ट्रेनों में एसी द्वितीय, तृतीय और स्लीपर श्रेणी में वेटिंग लिस्ट लंबी है। दायरा ऐसे ही बढ़ा तो होली से पहले ही ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बन सकती है। पंजाब मेल में 7 फरवरी से 9 मार्च तक सीट बुक है, वेटिंग लंबी है।
इसके अलावा हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर गोंडवाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस, महाकाैशल एक्सप्रेस, आगरा कैंटोनमेंट-होशियारपुर एक्सप्रेस, पटना-कोटा एक्सप्रेस, जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस, अमृतसर एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस, भोपाल शताब्दी, नई दिल्ली-शताब्दी, भोपाल वंदे भारत, खजुराहो वंदे भारत, कोलकाता-बीकानेर एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में वेटिंग लिस्ट लंबी है।
आगरा से लगभग 300 ट्रेनें प्रतिदिन गुजरती हैं। आगरा कैंट से रोजाना 25 हजार यात्री सफर करते हैं। रेलवे की पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों ने होली से पहले ही सीट बुक करा रखी है। इस वजह से वेटिंग लिस्ट लंबी है।होली पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं हो।
प्रमुख ट्रेनों की स्थिति एक नजर में
आरक्षण: बिहार और हावड़ा की 80 फीसदी ट्रेनों में सीटें उपलब्ध नहीं।
वेटिंग: मुख्य ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची 200 के पार।
विकल्प: लंबी दूरी की कम ट्रेनों में ही कुछ जगह शेष, लेकिन वे समय अधिक ले रही हैं।
