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फोटो – 27 जोल्हूपुर मोड पर बने अंडरपास पर भरा पानी। संवाद
उरई। जोल्हूपुर मोड स्थित ओवरब्रिज पर सात एक्सटेंशन ज्वाइंट टूट गए हैं। सड़क पर गड्ढे भी हैं। इसी के चलते सेतु निगम ने इसे बंद करने का फैसला लिया है। पुल को 18 अक्तूबर से 31 अक्तूबर तक बंद किया जाएगा। पुल के बंद होने से लोगों को बीस किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। इसकी वजह रेलवे की लापरवाही है। छोटे वाहनों के लिए बनाए गए अंडरपास में पानी भरा होने से उन्हें चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ेगा। विभागीय अधिकारियों को कहना है कि दो जनरेटर लगवाकर उसे खाली करवा दिया जाएगा।
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हमीरपुर-जोल्हूपुर मोड़ के ओवरब्रिज की एक लेन क्षतिग्रस्त होने के चलते उसे 18 से लेकर 31 अक्तूबर तक बंद किया जा रहा है। 13 दिन तक ओवरब्रिज के बंद होने से यहां से गुजरने वाले करीब पचास हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि रेलवे की ओर से बनाए गए अंडरपास पर अभी भी पानी भरा है। विभाग की ओर से एक जनरेटर लगाया गया है। जो पानी को नहीं निकाल पाएगा। इससे 18 अक्तूबर के बाद लोगों को बीस किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। बता दें कि रेलवे और सेतु निगम को ओवरब्रिज बनाने के लिए शासन की ओर से 33 करोड़ चार लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। तीन साल में यह काम पूरा होना था। पुल निर्माण का उद्देश्य था कि हमीरपुर, महोबा, जालौन और आसपास के 100 से अधिक गांवों के लोगों को जाम और रेलवे फाटक की परेशानी से मुक्ति मिले। लेकिन एक लेन बनने के बाद सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। सरिया बाहर निकल आईं हैं और सात जगहों पर एक्सटेंशन ज्वाइंट उखड़ गए हैं। किनारे लगाए गए एंगल टूट चुके हैं। जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी दिक्कत होती है। इससे हादसे भी हो रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने इसे बंद करने का फैसला लिया है। इस पुल को 18 से लेकर 31 अक्तूबर तक बंद किया जाएगा। लोगों का कहना है कि अंडर पास का पानी साफ हो जाए तो छोटे वाहनों को निकलने में परेशानी नहीं होगी। लेकिन विभाग की ओर से केवल एक जनरेटर लगाया गया है। जिससे 18 अक्तूबर तक पानी निकलना असंभव लग रहा है। लोगों का कहना है कि आटा – इटौरा मार्ग निर्माणाधीन होने के चलते इससे क्षतिग्रस्त है। अब वह बीस किलोमीटर का चक्कर लगाने के बाद भी परेशान होंगे।