संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेलवे स्टेशनों पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारी कई बार ओवरटाइम भत्ते के लिए दिक्कतों का सामना करते हैं। रेल प्रशासन भी मामलों का आसानी से निपटारा नहीं कर पाता। अब रेलवे बोर्ड ने इसका समाधान कर दिया है। बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को आदेश जारी कर स्टेशन स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है। इससे कर्मी के ड्यूटी पर आने और जाने का सही समय निर्धारित हो सकेगा। साथ ही इसमें गड़बड़ी की संभावना भी शून्य हो जाएगी।
झांसी रेल मंडल में कुल 138 रेलवे स्टेशन हैं। हालांकि, इनमें से 110 स्टेशनों पर ही नियमित स्टेशन मास्टर तैनात होते हैं। इसके अलावा पॉइंट्समेन, पर्यवेक्षक व अन्य कर्मियों की भी यहां संख्या सैंकड़ों में है। यहां तीन या उससे अधिक पाली में कर्मचारी तैनात होते हैं। इन सभी को बायोमेट्रिक हाजिरी के दायरे में लाया जाएगा।
रेल मंडल के स्टेशनों पर तैनात स्टेशन मास्टर, पाॅइंट्समेन, पर्यवेक्षक समेत अन्य कर्मियों की ड्यूटी रेल संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। साथ ही दुर्घटना होने की स्थिति में इन कर्मचारियों की ड्यूटी का समय भी जांच के लिहाज से मायने रखता है। इससे कर्मियों के ड्यूटी पर आने-जाने का समय भी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज हो सकेगा। पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे बोर्ड के निर्देश का प्राथमिकता से पालन कराया जाता है।
– अभी रनिंग स्टाफ की होती है बायोमेट्रिक हाजिरी
मंडल में तैनात लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर/गार्ड और टिकट चेकिंग स्टाफ की ही अभी बायोमेट्रिक हाजिरी होती है। इसमें वह जिस स्टेशन से ट्रेन में सवार होते हैं, वहां लॉगइन और जहां ड्यूटी पूरी करते हैं, उस स्टेशन पर लॉग आउट करते हैं।
