
– फोटो : प्रतीकात्मक
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रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार नार्दर्न रेलवे के चीफ डिपो मैटीरियल सुप्रीटेंडेंट अविरल कुमार और आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) मनोज राय को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। दोनों को सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद शुक्रवार को कैसरबाग स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया था।
सीबीआई के प्रवक्ता के मुताबिक नादरगंज निवासी आकाश यादव ने सीबीआई में शिकायत की थी कि वह विशाल ट्रेडर्स फर्म के प्रोपराइटर हैं। उसने चचेरे भाई विकास यादव के साथ रेलवे के आलमबाग स्टोर में 28 मीट्रिक टन स्क्रैप की लाॅट खरीदी थी। इसमें से 22 मीट्रिक टन उठा ली थी, जिसके बदले आरपीएफ के एएसआई मनाेज राय प्रति ट्रक एक हजार रुपये प्रति टन 150 रुपये और ड्यूटी स्टाफ के 300 रुपये रिश्वत मांग रहे हैं। साथ ही रेलवे के डिपाे मैटीरियल सुप्रीटेंडेंट अविरल कुमार भी 800 रुपये प्रति ट्रक और 100 प्रति टन रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
इसके बाद 28 मीट्रिक टन का पैसा जमा करने पर माल को काटने की अनुमति मिल गई। जब कटिंग करने मजदूरों को भेजा तो मनोज राय धमकाने व गालियां देने लगे। मनोज राय 12,800 और अविरल कुमार 8200 रुपये मांग रहे हैं और इसके लिए विकास पर दबाव बना रहे हैं। इसके बाद सीबीआई ने दाेनों को ट्रैप करने की योजना बनाई और बृहस्पतिवार को रिश्वत देने के दौरान दबोच लिया। सीबीआई ने दोनों के आवास पर छापा मारकर कई अहम सुबूत भी जुटाए हैं।
