उत्तर रेलवे में मेगा ट्रैफिक तथा पावर ब्लॉक के चलते 02 अप्रैल से झांसी-लखनऊ इंटरसिटी सहित मेमू अगले 42 दिनों के लिए निरस्त रहेगी। चार गाड़ियों को आंशिक रूप से निरस्त कर सात को कानपुर स्टेशन से रूट बदलकर निकाला जाएगा।
लखनऊ इंटरसिटी निरस्त होने से दैनिक यात्रियों की समस्याएं बढ़ गई हैं। पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने सुबह अन्य वैकल्पिक गाड़ी संचालित करने के लिए डीआरएम को पत्र लिखा है। वहीं, यूपी राज्य परिवहन निगम ने यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए सुबह के समय स्टेशन पर बसों की सुविधा देने की बात कही है।
2 अप्रैल से 13 मई तक लखनऊ इंटरसिटी के अलावा झांसी-लखनऊ मेमू को निरस्त कर दिया गया है। जबकि पुणे-लखनऊ सुपरफास्ट एक्सप्रेस लखनऊ की जगह 7 अप्रैल से 12 मई तक कानपुर तक जाएगी। साथ ही लखनऊ की बजाय यह गाड़ी कानपुर से पुणे के लिए 4 अप्रैल से 13 मई तक चलेगी। लोकमान्य तिलक-लखनऊ एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी कानपुर तक जाएगी। यह ट्रेन कानपुर से लखनऊ के बीच 4 से 25 अप्रैल तक चलेगी। वहीं, लखनऊ की जगह यह कानपुर से लोकमान्य तिलक के लिए 2 से 9 मई तक चलेगी। वहीं, लोकमान्य तिलक-सीतापुर (12107) मंडल में 90 मिनट की देरी से चलेगी।
परेशान रहे यात्री
रेलवे ने 31 मार्च की रात अचानक लखनऊ से झांसी आने वाली इंटरसिटी निरस्त कर दी। कई यात्रियों को इसका पता नहीं चला। इस वजह से लखनऊ, कानपुर व उरई से झांसी लौटने वाले यात्री परेशान रहे। आरक्षित टिकट पर यात्रा करने वाले यात्री जहां दूसरी गाड़ियों में जगह खोजते रहे वहीं, कई बस व निजी वाहनों से झांसी लौटे। पीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि गाड़ी को अपरिहार्य कारणों के चलते निरस्त किया गया है।
