
इकौना में प्राथमिक विद्यालय जाने वाले मार्ग पर व्याप्त जलभराव से होकर स्कूल जाते बच्चे ।
श्रावस्ती। जिले में होने वाली बारिश ने नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी व सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मुख्य मार्ग नाला बन गए हैं तो अस्पताल परिसर ताल बन चुका है। हैंडपंप के आसपास हुआ जलभराव संक्रामक रोग को आमंत्रण दे रहा है। जबकि जिम्मेदार एक-दूसरे पर दोषारोपण कर जिम्मेदारी से मुक्ति ले रहे हैं।
केस एक –
सीएचसी इकौना में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। एक तरफ बौद्ध परिपथ तो दूसरी तरफ भिनगा बाईपास निर्माण के कारण बारिश का पानी नगर में ही एकत्र रहता है। हल्की बारिश के बाद भी सीएचसी इकौना, थाना व प्राथमिक विद्यालय परिसर सहित नगर की गलियां पानी से सराबोर हो जाती हैं। जिनका पानी कई दिन तक एकत्र रहने के कारण लोगों को संक्रामक रोगों का खतरा सता रहा है।
केस दो –
आदर्श नगर पंचायत से सटे ग्राम पंचायत इकौना देहात में जल निकासी का इंतजाम नहीं है। ऐसे में बरसात में इकौना देहात के मोहल्ला बागबान, पांच पीरान, टीचर्स कॉलोनी, लोनियन पुरवा, नत्था पुरवा व शक्ति नगर सहित अन्य स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है।
केस तीन –
गिलौला क्षेत्र के ग्राम कल्याणपुर के मजरा भगवानपुर में जल निकासी का उचित प्रबंध न होने से गांवों में लगे हैंडपंप के आसपास पानी भरा है। जिसका पानी काला हो जाने से इससे न सिर्फ बदबू उठ रही है बल्कि इससे संक्रामक रोग फैलने की भी आशंका है। ग्रामीण ओमप्रकाश प्रजापति, रामफेरन व सियाराम यादव ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
