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एट/उरई। एट प्राथमिक विद्यालय सहित नगर पंचायत भी जलभराव हो गया। नगर पंचायत द्वारा जलनिकासी न होने से कई मोहल्ले में पानी भर गया। प्राथमिक कन्या पाठशाला, नगर पंचायत, पशु अस्पताल, बीज गोदाम, सहकारी समिति सहित कई जगहों पर पानी भर गया। वहीं, आसपास क्षेत्र के कई गांव में जलभराव होने से ग्रामीणों का आवागमन ठप हो गया।
सरावन संवाद के अनुसार, कस्बा व मजरा में एक दर्जन कच्चे मकान धराशायी हो गए। गांव के राम, माता प्रसाद, विनोद कुमार, अरविंद सोनी, चिरौंजी बाल्मीकि, ब्रजेश दोहरे, गयाप्रसाद कुशवाहा, नासिर खान के मकान गिर गए। नाले पर अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। किसान राहुल शिवहरे, शिवमंगल सिंह, संतराम शाक्य, आशा राम बाथम, बालाराम राठौर, संतराम, सुनील ने बताया कि नाले में अतिक्रमण होने से गांव में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। क्षेत्र में खरीफ की फसल अधिकतर बर्बाद हो गई है। गांव भंगा, अमखेडा, सहाव, राजपुरा, गोराभूपका, पडकुला, गोहन, शहबाज पुर, दादनपुर, गोहनी, रूपापुर, रमधौरा, जैतपुर, नवीपुर गांव के किसानों की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है।
आटा संवाद के अनुसार, कस्बा के आटा-अकोढ़ी मार्ग स्थित लाला हरदौल उपवन के सामने सड़क पर तीन मीटर ऊंचाई से पानी बह रहा है। इस मार्ग से करीब आधा दर्जन गांव के लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। बारिश का पानी सड़क पर चलने से लोग पानी से होकर निकल रहे हैं।
जालौन संवाद के अनुसार लगातार हो रही बारिश से मोहल्ला दलालनपुरा, चिमनदुबे, कछोरन, तोपखाना, हरीपुरा, काशीनाथ, जोशियाना समेत कई मोहल्लों में पानी भर गया। क्षेत्र पंचायत कार्यालय व आवासीय परिसर, पशु चिकित्सालय, सीडीपीओ कार्यालय, सब रजिस्ट्रार कार्यालय, कृषि उत्पादन मंडी समिति समेत कई सरकारी कार्यालय जलमग्न हो गए। ग्राम महिया, सींगपुरा आदि के रास्ते में पानी मलंगा के रपटा के ऊपर से बह रहा है।
माधौगढ़ संवाद के अनुसार, दो दिन से हो रही बारिश से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया हैं। किसान शिवनारायण दोहरे, शत्रुघन सिंह, नृपेंद्र सिंह,मुकेश आदि का कहना हैं कि इस वर्ष तिल, उडद, ज्वार की फसल अच्छी थी। 20-25 दिन बाद तिल की फसल की कटाई होनी थी। लगातार हो रही बारिश से घुटनों तक पानी भर गया हैं। जिससे फसल बर्बाद हो गई। नगर क्षेत्र में कई कार्यालयों में पानी भर गया। कई दुकानों में भी जलभराव देखने को मिला।
कोंच संवाद के अनुसार, गांव सलैया बुजुर्ग के घरों तक पहूज का पानी आ जाने से ग्रामीणों में दहशत है। पिंडारी रोड के ऊपर पानी बह रहा है। किशुनपुरा, खैरी, सेता, नरी, सुनायां, परैथा सहित कई गांवों में मलंगा नाले का जलस्तर बढ़ गया है। मलंगा नाले किनारे बसे मोहल्ला गांधीनगर, गोखले नगर, मालवीय नगर में पानी सड़कों पर बह रहा है। सलैया बुजुर्ग गांव बारिश और नदी के ओवरफ्लो पानी में आधा डूब गया है। एसडीएम ज्योति सिंह, सीओ अर्चना सिंह, तहसीलदार वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने निरीक्षण किया। फिरोजाबाद से एनडीआरएफ की टीम बुलाई जा रही है।
कोंच तहसील क्षेत्र के पचीपुरा खुर्द में बने रपटा पुल के ऊपर से पानी बहने, कोंच-महेशपुरा, कोंच-पिंडारी मार्ग पर सड़क पर पानी बहने से आवागमन ठप हो गया। ग्राम मऊ-ढिमरपुरा के बीच भी संपर्क कट गया है। जिससे दोनों गांवों के करीब 200 परिवार प्रभावित हैं। नदीगांव में श्मशान घाट डूब गया। बाढ़ के हालातों का जायजा लेने सलैया बुजुर्ग पहुंचे डीएम राजेश कुमार पांडे, एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार और एडीएम संजय सिंह ने बाढ़ के पानी से घिरे ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालकर पंचायत घर और स्कूल में ठहराने, खाने पीने की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गांव में दो एंबुलेंस और स्वास्थ्य विभाग की एक टीम को मौजूद रहने की भी हिदायत दी।
