
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अभी नहीं खोले पत्ते।
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राज्यसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी किस दल के प्रत्याशी को समर्थन देगी, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। बता दें कि वर्तमान में बसपा का केवल एक विधायक है, हालांकि राज्यसभा चुनाव में 11 प्रत्याशी उतरने के बाद बसपा विधायक का वोट भी निर्णायक साबित हो सकता है। ध्यान रहे कि वर्ष 2020 में विधान परिषद चुनाव में बसपा ने भाजपा को समर्थन देने का निर्णय लिया था। बसपा सुप्रीमो ने सपा पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा था कि सपा को हराने के लिए अगर भाजपा को वोट देना पड़े तो वह तैयार हैं। दरअसल बसपा सुप्रीमो ने सपा द्वारा सात विधायकों को तोड़ने से नाराज होकर विधान परिषद चुनाव में सपा को हराने का फैसला लिया था। बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने कहा कि किस दल को समर्थन देना है, यह तय नहीं है। पार्टी द्वारा जो भी निर्देश दिया जाएगा, उसके मुताबिक वोट देंगे।
करोड़ों के मालिक संजय सेठ के पास न कार, न हथियार
राज्यसभा चुनाव में भाजपा के आठवें प्रत्याशी और राजधानी के प्रमुख रियल एस्टेट कारोबारी संजय सेठ यूं तो करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक हैं, लेकिन उनके पास कोई भी कार और हथियार नहीं है। संजय सेठ ने नामांकन पत्र में अपने पास करीब 105 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का खुलासा किया है। बीते पांच सालों में उनकी संपत्ति में करीब 54 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। वर्ष 2019 में राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गये अपने शपथ पत्र में उन्होंने अपनी, पत्नी और बेटी की कुल संपत्ति 83.66 करोड़ रुपये दर्शाई थी। संजय सेठ के खिलाफ कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। उन्होंने गुड़गांव और लखनऊ में अपने और पत्नी के नाम व्यावसायिक और रिहायशी भूखंड होने की जानकारी दी है।
