Raksha Bandhan 2024 : काशी के महागिरजा में पहली बार फादर और सिस्टर ने रक्षाबंधन मनाया। इस दौरान 40 धर्मबहनों ने राखी बांधी तो भाइयों ने रक्षा का वचन दिया।

फादर को राखी बांधती महिला।
– फोटो : स्वयं
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बिजली की तरह लचक रहे हैं लच्छे, भाई के है बांधी चमकती राखी…। फिराक गोरखपुरी का यह शेर रविवार को महागिरजाघर में साकार हुआ। देश में पहली बार काशी में ईसाई समुदाय ने रक्षाबंधन का पर्व मनाकर धर्म संस्कृति की नगरी में एक नया रंग जोड़ दिया। 40 धर्मबहनों (सिस्टर) ने पहली बार भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर भाई बहन के रिश्ते को मजबूत किया।
ऑल इंडिया कैथोलिक यूनियन की ओर से छावनी स्थित महागिरजा सेंट मेरीज में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों के लिए पहली बार आयोजित होने वाला यह त्योहार भी अनोखा था। हर कोई इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए उत्सुक था। सुबह की प्रार्थना के बाद रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत हुई।
चर्च की 40 धर्मबहनों के साथ ही फादर और प्रार्थना में शामिल होने वाले आम श्रद्धालु भी इस आयोजन में शामिल होकर इसके साक्षी बने। धर्मबहनों ने भाइयों को तिलक लगाया, आरती उतारी और फिर हाथों पर रक्षासूत्र बांधकर मिठाई खिलाई। भाइयों ने भी बहनों को मिठाई खिलाई, उपहार दिए और उनकी रक्षा का भरोसा दिया। इसके साथ ही आजीवन धागों से बंधे इस रिश्ते को निभाने का संकल्प भी दोहराया। आयोजन में फादर और चर्च से जुड़े लोगों के साथ ही 70 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
