
रामभक्त शबनम।
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मजहबी पाबंदियों को लांघकर प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए मुंबई से पैदल चलीं शबनम से अब अयोध्या चंद कदम की दूरी पर है। शनिवार शाम वे हलियापुर में अयोध्या की सीमा तक पहुंच गईं, जहां बातचीत के दौरान बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि यह सपना साकार होने जैसा पल है। रामलला के दर्शन अब उन्हें मिलने वाले हैं। हलियापुर में उनका जोरदार स्वागत हुआ।
मुंबई में रहने वाली शबनम शेख (23) बी कॉम की छात्रा हैं। वे अपनी रामभक्ति के लिए सोशल मीडिया पर खासी चर्चित हैं। 38 दिन पहले वे अपने तीन हिंदू मित्रों रमन राज शर्मा, विनीत पांडेय व शुभम गुप्ता के साथ अयोध्या के लिए पैदल निकली थीं। शनिवार शाम हलियापुर में एक्सप्रेस-वे के पास से ही युवाओं ने उनका स्वागत किया। पूरा क्षेत्र जयश्रीराम के नारों से गूंजता रहा।
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अयोध्या की सीमा से चंद कदम पहले ही प्रताप ढाबा के संचालक हरिप्रताप सिंह और उनकी पत्नी प्रीति सिंह ने शबनम के दल का स्वागत किया और रात्रि विश्राम का आग्रह किया। शबनम ने भी उनका आग्रह स्वीकार किया। प्रीति सिंह ने उनके लिए नमक डालकर गर्म पानी आदि से लेकर भोजन तक का इंतजाम करवाया।
इस दौरान शबनम ने कहा कि वे बचपन से ही श्रीराम की भक्त हैं। अयोध्या अब चंद कदम दूर है तो वे बहुत भावुक हैं। यह उनके सपने के सच होने जैसा है। वे दो दिन अयोध्या में रहेंगी और उनके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद मुंबई वापस होंगी। शबनम का स्वागत करने वालों में हिंदेश सिंह, मनोज सिंह, राम सिंह, शिवहरि कौशल, युधिष्ठिर सिंह, सत्यम, रामजी, अंकेश, निर्भय सिंह व नरेंद्र सिंह शामिल रहे।
बलसाड़ के युवकों को ढाबे पर ठहराया
ढाबा संचालक हरिप्रताप सिंह ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान से लेकर अब तक यदि कोई श्रद्धालु दूरदराज से आता है तो वे उनके रहने ठहरने का पूरा इंतजाम करते हैं। यहीं पर ठहरे गुजरात के चिराग पटेल, केयूर पटेल और उर्विल पटेल ने बताया कि वे भी पैदल यात्रा कर आ रहे हैं। वे लोग 31 दिसंबर को गुजरात से चले थे। बाद में उनके साथ रोबिन पटेल, नीरव एन पटेल, कार्तिक,पटेल, कल्पेश पटेल और नीरव पटेल भी जुड़ गए। उन्होंने कहा कि वे यहां के लोगों के स्वागत से अभिभूत हैं।
