
रात से ही उमड़ा भक्तों का रेला
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नव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के उत्सव पर अयोध्या में रामभक्तों का मेला लग गया। वर्ष के तीन बड़े मेलों चैत्र रामनवमी, सावन झूला व कार्तिक परिक्रमा की तर्ज पर दस लाख से अधिक रामभक्त यहां पहुंच गए। जिला प्रशासन को इतनी अधिक भीड़ जुटने का अनुमान नहीं था। आनन-फानन में वैकल्पिक इंतजाम प्रभावी किए गए।
नव्य मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के पहले से ही देशभर से दर्शन के लिए रामभक्त अयोध्या पहुंचने लगे थे। इनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने यहीं पर अपने गुरु आश्रमों, मंदिर, होटल, धर्मशाला, रामकथा पार्क, सरयू घाट और अन्य स्थानों पर डेरा डाल रखा था। इनमें वो श्रद्धालु भी शामिल रहे जिन्हें 20 से 22 जनवरी तक तीन दिन अस्थाई मंदिर में रोक के चलते रामलला के दर्शन नहीं मिल सके थे। इसके अलावा तमाम भक्त पड़ोसी जिलों में अपना आश्रय बनाए थे।
सोमवार को पीएम के यहां से लौटने के बाद शाम से रात तक और फिर मंगलवार की सुबह उन्होंने अयोध्या का रूख किया। कई जत्थे वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, बस्ती व गोंडा के रास्तों से आए। ऐसे में रामनगरी में श्रद्धालुओं का कारवां अनवरत बढ़ता ही गया।
जिला प्रशासन के एक अफसर ने बताया कि आमतौर पर वर्ष में तीन बार लगने वाले मेलों में ही इतनी भीड़ आने की परंपरा रही है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह चौथा अवसर होगा जब देश के विभिन्न हिस्सों से इतनी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे हैं। पहले से जो अनुमान लगाया गया था उससे भी अधिक श्रद्धालु यहां पहुंच गए हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है। पड़ोसी जनपदों के साथ अयोध्या धाम की सीमाओं पर वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने के बावजूद लोग पैदल ही आ रहे हैं। डीएम नितीश कुमार ने बताया कि भीड़ काफी आ गई है। पहले से भी लोग मौजूद थे। सभी को सुव्यवस्थित ढंग से दर्शन कराने के प्रबंध किए जा रहे हैं।
