
यजमान के रूप में मौजूद रवि कुमार निषाद और उनकी पत्नी रचना।
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अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर से आए 15 यजमानों में भगवान राम के मित्र गुह्यराज के वंशज रवि कुमार निषाद भी शामिल थे। उन्होंने पत्नी के साथ आयोजन में प्रतिभाग किया। गोरखपुर विश्वविद्यालय में उप कुलसचिव के पद पर तैनात रवि निषाद ने गर्भगृह में मौजूद रहकर पूजन-अर्चन को विधि-विधान से पूरा कराया। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होकर आए रवि निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भव्य आयोजन में शामिल होना उनके जीवन का सबसे अहम पल था।
रवि निषाद मूलत: अयोध्या में सरयू नदी के तट पर स्थित तारघाट के रहने वाले हैं। मान्यता है कि वह महराजा गुह्यराज के वंश से जुड़े हुए हैं। दो वर्ष पहले वह गोरखपुर विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव के पद पर नियुक्त हुए। बाद में वह उप कुलसचिव बनाए गए।
अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तिथि 22 जनवरी घोषित होने के बाद जहां पूरा देश खुशी मना रहा था, वहीं रवि निषाद की खुशी तब और बढ़ गई, जब 16 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ कमेटी की ओर से उनके मोबाइल पर कॉल आया।
