
रामलला दर्शन
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रामनगरी इन दिनों भक्ति, ज्ञान और कर्म की त्रिवेणी हो गई है। यहां पुण्य की डुबकी लगाने के लिए पूरा लोक उमड़ आया है। भव्य-दिव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही यहां निरंतर भक्ति का सागर लहरा रहा है। बालकराम के दर्शन की लालसा इस कदर है कि पिछले 30 दिनों में करीब 62 लाख श्रद्धालु रामलला के दरबार में हाजिरी लगा चुके हैं। राम मंदिर आम भक्तों के लिए 23 जनवरी से खुला है। तब से लगातार आस्था का रेला रामनगरी में चला आ रहा है। अब तो आस्था स्पेशल ट्रेनों से भी रोजाना 10 से 15 हजार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भीड़ के चलते रामनगरी में यातायात प्रतिबंध भी लागू है। श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर तक पैदल भी चलना पड़ता है। अभी सुविधाओं का भी अभाव है, बावजूद इसके आस्था के आगे तमाम दुश्वारियां बौनी साबित हो रही हैं।
कर्नाटक से आए श्यामजी राव बोले कि, मेरे पिता और बाबा की उत्कंठा यही थी कि रामधाम को अपनी आंखों से निहार सकें। वे होते तो अतीत के शोक संताप से मुक्त हो जाते। यह कहते उनके नेत्र भर आए। आपने तो दर्शन कर लिया? पूछते ही उनके चेहरे पर प्रसन्नता दिखने लगती है। बोले- आज मैं धन्य हो गया…। यह कहते मानो उनका शब्दकोश रिक्त हो गया हो। फिर जय सियाराम कहकर वह बढ़ जाते हैं।
हरियाणा से आए विपिन शर्मा अपने आराध्य का दर्शन कर लौटे तो उनके चेहरे पर उल्लास का भाव था। दर्शन सुलभ रहा पूछने पर बोले कि रामजी के ठाठ-बाट देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। मैंने टेंट में भी उन्हें देखा था, हमारे राम जी ने बहुत कुछ झेला है। यह कहकर वे भावुक हो गए और राम-राम कहते हुए आगे बढ़ गए। इसी तरह का उत्साह हर एक श्रद्धालु में नजर आ रहा है।
रामभक्तों में अभूतपूर्व उत्साह
भक्तों का भाव देखते ही बन रहा है। रामलला का दर्शन जल्दी हो जाए इसलिए लोग देश-विदेश से उमड़ पड़े हैं। कोई भीड़ छंटने का इंतजार नहीं कर रहा है। अन्य मंदिरों की तुलना में अयोध्या का राममंदिर कैसा है, लोग इस द़ृष्टि से भी दर्शन करने पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु दो से तीन किलोमीटर तक पैदल चलकर आ रहे हैं, लेकिन चेहरे पर थकान नहीं दिखती। दर्शन मिलते ही चेहरे की रंगत बढ़ जाती है। बुजुर्ग तो रामलला के दर्शन के बाद रोते हुए निकलते हैं। भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह है। – डॉ़ अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
पिछले 10 दिन में भक्तों की संख्या
12 फरवरी- 1.75 लाख
13 फरवरी- 2. 30 लाख
14 फरवरी- 1.60 लाख
15 फरवरी- 1.82 लाख
16 फरवरी- 1.76 लाख
17 फरवरी- 2.10 लाख
18 फरवरी- 2.50 लाख
19 फरवरी- 1.85 लाख
20 फरवरी- 2.45 लाख
21 फरवरी- 1.60 लाख
