
आने वाले समय में अयोध्या में दुनिया भर से पर्यटक आएंगे।
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श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद देश-विदेश से काफी संख्या में श्रद्धालु/ पर्यटक अयोध्या आएंगे। इसे देखते हुए पर्यटन विभाग ने कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट संस्थान से 135 टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षित किए हैं। इन्हें 14 भाषाओं में अलग-अलग ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वह अयोध्या आने वाले हर क्षेत्र के व्यक्ति को सहयोग व जानकारी दे सकें। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के भी बेहतर अवसर मिलेंगे।
अयोध्या में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए एमकेआइटीएम में आवेदन लिए गए थे। इसके लिए 235 छात्रों ने आवेदन किया था। इनमें प्रशिक्षण के लिए 167 छात्रों को योग्य पाया गया था। इन छात्रों को पर्यटन मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार लगभग 40 दिन प्रशिक्षण दिया गया और उसके बाद हाल में इनकी परीक्षा कराई गई। इसमें 135 युवा पास हुए। इन छात्रों को सर्टिफिकेट जारी किया गया है।
संस्कृति व पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संस्थान ने जिन युवाओं को लाइसेंस दिया है, इसमें 100 से ज्यादा अयोध्या और अन्य आस-पास के जिलों से हैं। यह अयोध्या के धार्मिक, अध्यात्मिक, भौगौलिक, सामाजिक, आर्थिक और ऐतिहासिक स्थिति से पहले से परिचित हैं। प्रशिक्षण के दौरान इनको अयोध्या में हो रहे बदलावों की जानकारी दी गई है। इनको फिल्ड विजिट भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम इंस्ट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट, टूरिस्ट गाइड तैयार करने के लिए अधिकृत संस्था है।
इन भाषाओं का ज्ञान, 10 साल का लाइसेंस
पर्यटन मंत्री ने बताया कि इन युवाओं को 40 दिन की अवधि में बांग्ला, गुजराती, नेपाली, मराठी, पंजाबी, सिंधी, तमिल, कन्नड़, फ्रेंच, रशियन, कोरियन और तेलगू भाषा का प्रशिक्षण दिया गया है। जिन छात्रों ने जिस भाषा का चयन किया था, उन्हें उसका प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें लगभग सभी छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा का ज्ञान है। उन्होंने बताया कि 135 युवाओं को स्थानीय स्तर का टूरिस्ट गाइड का लाइसेंस दिया गया है। यह लाइसेंस 10 वर्षों के लिए वैध होगा। इसके बाद रिन्यूअल भी हो सकता है। संस्थान की ओर से अयोध्या में पहले से 13 टूरिस्ट गाइड सेवा दे रहे हैं।
