
डॉ. पुष्कर मिश्रा
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रामपुर की रजा लाइब्रेरी में चार साल से रिक्त चल रहे निदेशक के पद पर आखिरकार तैनाती कर दी गई है। निदेशक के पद पर डाॅ. पुष्कर मिश्रा की तैनाती की गई है। मूल रूप से गोंडा के रहने वाले डाॅ. मिश्रा भाजपा से जुड़े रहे हैं और वह जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी कर चुके हैं।
एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी रजा लाइब्रेरी रामपुर में स्थित है। रजा लाइब्रेरी में निदेशक के पद पर 2017 में पहली दफा तैनाती की गई थी। इस पद पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में फारसी विभाग में कार्यरत प्रो. सैयद हसन अब्बास की तैनाती की गई थी। इससे पहले विशेष कार्यधिकारी की तैनाती होती रही थी।
फरवरी 2020 में प्रोफेसर सैयद हसन अब्बास का तीन साल का कार्यकाल पूरा हो गया था, जिसके बाद से निदेशक का पद रिक्त चल रहा है। पिछले दिनों रजा लाइब्रेरी बोर्ड की ओर से निदेशक के रिक्त पद को भर्ती करने का फैसला लिया गया था। पिछले दिनों निदेशक के पद पर चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
कुछ समय पहले राजभवन से नियुक्ति के लिए साक्षात्कार भी हुए थे। इसके बाद संस्कृति मंत्रालय की ओर से यह चयनित अभ्यर्थियों की सूची केंद्रीय मंत्रिमंडल को भेजी गई थी। अब संस्कृति मंत्रालय के माध्यम से लाइब्रेरी के निदेशक के पद पर डाॅ. पुष्कर मिश्रा की तैनाती कर दी गई है।
डा. मिश्रा मूल रूप से गोंडा के रहने वाले हैं। वह भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य भी रह चुके हैं साथ ही वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के करीबी भी माने जाते हैं। जेएनयू से वह पीएचडी कर चुके हैं। देर शाम मिश्रा ने रामपुर पहुंच गए, जहां उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया।
चार साल से डीएम के पास था निदेशक का कार्यभार
चार साल से निदेशक का कार्यभार रामपुर के डीएम के पास था। सबसे पहले 2020 में तत्कालीन डीएम आंजनेय कुमार सिंह को निदेशक का चार्ज दिया गया। उनके प्रोन्नत होने के बाद निदेशक का कार्यभार 2021 में रविंद्र कुमार मांदड़ के पास रहा और अब उनका तबादला होने पर निदेशक का कार्यभार डीएम जोगिंदर सिंह के पास था।
