
रामपुर में हुए हादसे में जान गंवाने वाला रामबाबू
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शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के महुनागर गांव निवासी रामबाबू (22) और हुकुम सिंह (19) सगे भाई किसी काम से नगर में आए थे। काम निपटाने के बाद शनिवार देर रात वह गांव जा रहे थे। लौटते समय बाइक सवार दोनों भाई शाहबाद से डेढ़ किलोमीट दूर शाहबाद-आंवला रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने खड़े डंपर में टकराते हुए पीछे से घुस गए थे।
घटना के तीसरे दिन इलाज के दौरान रामबाबू की मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक चला रहे रामबाबू डंपर में फंस गया था। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ लग गई थी। इन बाइक सवारों के पीछे से इन्ही के गांव का एक बाइक सवार आ रहा था।
उसने स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से फंसे हुए बाइक सवार रामबाबू को डंपर को नीचे से निकाला था। इसके बाद दोनों घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर कर दिया। रामबाबू की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी।
रामबाबू और उसके भाई का इलाज मुरादाबाद के एक अस्पताल में चल रहा था। इस बीच रामबाबू की मौत हो गई। इलाज के दौरान हुई मौत की सूचना से परिवार के लोग बेसुध हो गए। चीखते-चिल्लाते हुए परिवार के लोग सीधे मुरादाबाद पहुंच गए।
मुरादाबाद पुलिस ने रामबाबू के शव का पोस्टमार्टम कराया। बताया गया कि रामबाबू मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण किया करता था। रामबाबू अपने पांच भाइयों में चौथे नंबर का भाई था।
पंद्रह दिन में सूनी हो गई नई नवेली दुल्हन की मांग
हादसे में घायल रामबाबू की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार रामबाबू की शादी पिछली दो जून 2024 को जनपद बदायूं क्षेत्र के मनुनगर चौराहे निवासी राजकुमारी से हुई थी। जिस दिन घटना हुई थी। उसी दिन शनिवार को दिन में रामबाबू अपनी पत्नी को उसके मायके से बुलाकर लाया था।
नई नवेली दुल्हन राजकुमारी से निजी काम के लिए बोलकर शाहबाद आया था लेकिन हादसा हो गया। इलाज के दौरान हुई पति की मौत की सूचना पाकर पत्नी बेसुध हो गई। बेसुध पत्नी मुरादाबाद पति का शव लेने लिए चली गई।
उधर घायल हुकुम सिंह ने जब भाई की मौत की खबर सुनी, तो वो भी बेसुध हो गया और अस्पताल में बेहोश हो गया। जबकि उसका अभी भी इलाज चल रहा है।
