श्रावस्ती। तराई में बुधवार को भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बरसात हुई। नेपाल में बरसात थमने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर धीरे धीरे कम हो रहा है। घटते जलस्तर के साथ ही नदी की लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। इससे कछारवासी परेशान हैं।
जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर बुधवार शाम तीन बजे 127.30 सेंटीमीटर मापा गया। जो खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर कम है। घटते जलस्तर के साथ ही नदी की उग्र लहरें अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। इसके चलते इकौना क्षेत्र के जगरावलगढ़ी, कुम्हारगढ़ी, टेंडवा व पुरुषोत्तमपुर सहित अन्य गांवों में कटान तेज हो गई है।
विगत 24 घंटे में पुरुषोत्तमपुर निवासी भग्गन, विजय बहादुर, आंधी, पतिराम, चमन, नसीम, कन्हई लाल, कंटू लाल, शिव कुमार, अशोक, सुरेश, राम उजागर सहित कई अन्य ग्रामीणों की करीब 140 बीघा खेत कट कर नदी की धारा में विलीन हो गई। वहीं टेंडवा में नदी धीरे-धीरे कटान करते हुए गांव की ओर आगे बढ़ रही है। यही स्थिति कछार में बसे अन्य गांवों की भी है। जहां राप्ती की धारा फसलों सहित खेतों को अपनी धारा में मिला रही है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। संवाद
