श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से घट बढ़ रहा है। इसके कारण नदी की धारा अपने किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। पिछले 24 घंटे में लगभग 200 बीघा भूमि फसल सहित नदी की धारा में समा गए। वहीं इकौना के टेंडवा में कटान थमने से ग्रामीणों को राहत मिल गई है।
नेपाल सहित जिले में बरसात न होने के कारण राप्ती नदी का जलस्तर कभी घट तो कभी बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह चार बजे जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 127.40 सेंटीमीटर मापा गया, जो खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे था। वहीं आठ बजे नदी 20 सेंटीमीटर और घट कर 127.20 पहुंच गई। वहीं दोपहर तीन बजे 10 सेंटीमीटर नदी का जलस्तर और बढ़ गया।
नदी के इस घटते बढ़ते जलस्तर के कारण राप्ती की उग्र लहरें अपने किनारों पर स्थित खेत, खलिहान, चकमार्ग आदि को काट कर अपनी धारा में मिला रही है। विगत 24 घंटे में कछार में करीब 200 बीघा खेत कट कर नदी में समाहित हो गया है। इस बीच गनीमत यह रही कि नदी 127.50 सेंटीमीटर से नीचे आ जाने के कारण इकौना के जगरावलगढ़ी, कुम्हार गढ़ी सहित टेंडवा गांव में कटान का खतरा टल गया है। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली है।
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रुकी बरसात बढ़ी उमस ने किया बेहाल
जिले में सोमवार दोपहर बाद से बरसात थमी हुई है। ऐसे में मंगलवार सुबह खिली चटकीली धूप व पूर्वा हवाओं के कारण उमस बढ़ गई है। इससे लोग बेहाल दिखे। जगह-जगह कीचड़ व जलभराव के बीच बढ़ी उमस से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं लोग पंखों के नीचे भी पसीने से तर बतर रहे। संवाद
