
दोदरा के निकट तटबंध को काटती राप्ती नदी। संवाद
श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर एक सप्ताह बाद रविवार को खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर नीचे आ गया। इसके साथ ही नदी की लहरों ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है। हरिहरपुररानी के दोंदरा गांव स्थित नदी का तटबंध भी कट रहा है जिसे बचाने के लिए प्रयास जारी है।
जमुनहा स्थित बैराज पर आठ दिनों से राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था जो रविवार को लाल निशान 127.70 से 10 सेंटीमीटर नीचे आ गया। यहां दोपहर बारह बजे जलस्तर 127.60 सेंटीमीटर मापा गया। नदी का जलस्तर घटने के कारण कछार के गांवों में मंडरा रहा बाढ़ का खतरा टल गया लेकिन घटते जलस्तर के साथ ही राप्ती की लहरों ने अपने किनारों पर कटान तेज कर दी है।
इसके चलते तिलकपुर अंधरपुरवा तटबंध भी हरिहरपुर रानी क्षेत्र के दोंदरा गांव के निकट कट रहा है। तटबंध को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से हर संभव प्रयास जारी है। यदि तटबंध कटा तो अमवा, मुजेहना, मोहम्मदपुर सहित आसपास के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
इसके साथ ही नदी की लहरें जमुनहा, हरिहरपुररानी, इकौना व गिलौला क्षेत्र के कई गांवों में अपने तट पर स्थित खेतों में तेजी से कटान कर रही हैं। इससे खेत सहित फसल नदी की धारा में विलीन हो जा रही है।
वहीं राप्ती अब इकौना के मलौना खयिारी के मजरा भुतहा, लैबुड़वा सहित प्राथमिक विद्यालय भुतहा का वजूद मिटाने के लिए तेजी से कटान करते हुए आगे बढ़ रही है। इससे इन गांवों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। यदि कटान न रुका तो विद्यालय सहित इन गांवों के 75 घर कटकर नदी की धारा में समा सकते हैं। इसे लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
