संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 19 Aug 2024 02:52 AM IST

जमुनहा के बैराज पर खतरे के निशान को पार कर गई राप्ती।
श्रावस्ती। नेपाल सहित जिले में शनिवार देर रात शुरू हुई बारिश रुक रुककर रविवार दोपहर तक जारी रही। ऐसे में नेपाल के कुसुम बैराज से आने वाले पानी के कारण राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा, जो खतरे के निशान को पार कर 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। इससे कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी की उग्र लहरें तेजी से कटान कर रही हैं।
जिले में शनिवार रात से लेकर रविवार दोपहर तक 65 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही नेपाल में तेज वर्षा के कारण शनिवार रात दस बजे से राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। जमुनहा के राप्ती बैराज पर जलस्तर 127.30 सेंटीमीटर मापा गया, जो खतरे के निशान 127.70 से 40 सेंटीमीटर कम था। रविवार सुबह 11 बजे जलस्तर 128.30 मापा गया्र, जो खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर अधिक था। दोपहर एक बजे तक नदी का जलस्तर स्थिर हो गया। इसके बाद शाम को फिर जलस्तर तेजी से बढ़ा।
बरसात से खुली व्यवस्था की पोल
बारिश के बाद से इकौना नगर के कई मोहल्लों व मार्गों सहित केंद्रीय प्राथमिक विद्यालय, गेस्ट हाउस मार्ग पर जलभराव हो गया। कटरा, जमुनहा बाजार, बस स्टैंड, पटना वीरगंज मार्ग, तुलसीपुर, खरगौरा मोड़, गिलौला सुविखा मोड़ व सिरसिया में भी जलभराव ने स्थानीय लोगों को परेशान किया। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की भी रही।
पूरी रात आंख मिचौली खेलती रही बिजली
बारिश के बीच जिले के अधिकतर गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी रात बाधित रही। इससे नगरीय क्षेत्र भी अछूते नहीं रहे। यह सिलसिला रविवार दोपहर तक जारी रहा। ऐसे में लोग उमस से परेशान रहे।
