उरई। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने झांसी-कानपुर रेलखंड पर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को राप्ती सागर पांच और पनवेल एक्सप्रेस तीन घंटे देर से आईं। इसके अलावा कई अन्य ट्रेनें भी देर से आईं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि भीषण सर्दी में रेलवे प्रशासन ने स्टेशनों पर अलाव की व्यवस्था भी नहीं की है, जिससे उन्हें खुले में ठंड में ठिठुरते हुए अपनी ट्रेनों का इंतजार करना पड़ रहा है।

मंगलवार को भी कोहरे के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी जारी रही। बरौनी से एर्नाकुलम जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस पांच घंटे, पनवेल से गोरखपुर जाने वाली पनवेल एक्सप्रेस तीन घंटे 12 मिनट, मुंबई से सीतापुर जाने वाली मुंबई सीतापुर एक्सप्रेस दो घंटे 27 मिनट, सुल्तानपुर से मुंबई जाने वाली सुल्तानपुर एक्सप्रेस 1 घंटा 8 मिनट, और आजमगढ़ से मुंबई की ओर जाने वाली संत कबीरनगर एक्सप्रेस दो घंटे 10 मिनट देरी से पहुंची। इसके अतिरिक्त, झांसी से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस 1 घंटा 9 मिनट, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस 2 घंटे 9 मिनट, और लखनऊ से झांसी जाने वाली लखनऊ-झांसी पैसेंजर दो घंटे विलंबित रही।

ट्रेनों की लगातार देरी से यात्रियों को खासी दिक्कत हो रही है। कई यात्रियों को रातें स्टेशनों पर गुजारनी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि सर्दी के मौसम को देखते हुए रेलवे को स्टेशनों पर पर्याप्त अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि यात्रियों को ठंड से राहत मिल सके।

झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस रेलखंड से गुजरने वाली ट्रेनों में फॉग डिवाइस (कोहरा-रोधी उपकरण) लगाए गए हैं, जो दृश्यता कम होने पर भी ट्रेनों को सुरक्षित चलाने में मदद करते हैं। हालांकि, इन उपकरणों के बावजूद कोहरे की सघनता ट्रेनों के संचालन में बाधा उत्पन्न कर रही है।



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