संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 22 Aug 2024 05:23 AM IST

जमुनहा क्षेत्र में भकला नाला के उफान पर आने से खेतों में भरा बाढ़ का पानी।
जमुनहा/इकौना (श्रावस्ती)। नेपाल व पहाड़ों सहित जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार को पांचवें दिन भी खतरे के निशान से ऊपर रहा। नेपाल के कुसुम बैराज से पानी छोड़े जाने से राप्ती बैराज पर जलस्तर कभी 10 सेंटीमीटर ऊपर तो कभी नीचे रहा। ऐसे में कछार के गांवों में कहीं खेत जलमग्न हैं, तो कहीं तेजी से कटान हो रही है। इससे कछारवासी परेशान हैं।
जिले में बुधवार को पांचवें दिन भी जमुनहा बैराज पर राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान (127.70 सेंटीमीटर) से ऊपर बना रहा। सुबह चार बजे नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर तो शाम को घटकर पांच सेंटीमीटर ऊपर रह गया। जहां बढ़े जलस्तर से राप्ती की लहरें अपने किनारों पर कटान कर रही हैं। वहीं भकला नाले में उफान के कारण उसका पानी जमुनहा के रमवापुर, लाहौर, मुनव्वर गांव, मोंगला, गुरुदत्त पुरवा, हरिहरपुर, बरुआ, पिपरहवा कोठी, बहोरवा अंशिक, भगवानपुर, भगवानपुर भैसाही, झिरझिरवा व भेलागांव आदि गांवों के खेतों को जलमग्न कर रहा है। इससे खेतों में लगी फसल जलभराव से खराब हो रही है। वहीं घटते जलस्तर से राप्ती जमुनहा के बरंगा, घाटे पुरवा, गिलौला के बैदौरा व कसियापुर तथा इकौना के टंड़वा गांव में कटान कर रही है। जिससे कछारवासी दहशत में हैं।
