
भगवान शिव का रुद्राभिषेक
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हरितालिका तीज पर शुक्रवार को दुर्लभ योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि हरतालिका तीज की तिथि बृहस्पतिवार को दोपहर 12:21 से शुक्रवार को अपराह्न 3:01 बजे तक है।
सूर्य उदय से तिथि गणना के अनुसार शुक्रवार को हरतालिका तीज मनाई जाएगी। हरतालिका तीज पर ब्रह्म योग, शुक्ल योग, रवि योग, हस्त नक्षत्र, चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस दुर्लभ योग में शिव परिवार की पूजा करने से व्रती महिलाओं की मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। बटेश्वर के गौरीशंकर मंदिर में शिव परिवार सहित विराजे हैं। पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि यहां शिव-पार्वती के साथ गणेशजी और नंदी की प्रतिमा भी है।
इस तरह करें पूजा
सुंदर मंडप बनाकर केले की चौकी में लाल कपड़ा रखकर माता पार्वती, गणेश और शिवजी को स्थापित करें। बेलपत्र,चंदन, पुष्प, धूप, दीप चढ़ाने के बाद कामना के लिए संकल्प करना चाहिए। पूजा में कथा सुनकर आरती करनी चाहिए। रात में जागरण करना चाहिए। ऐसा करने से माता पार्वती और शिव की कृपा प्राप्त होती है।
