अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जनपद में रियल एस्टेट कारोबार मंदी की चपेट में है। इसका अंदाजा पिछले साल की तुलना में इस साल हुए बैनामों की संख्या को देखकर लगाया जा सकता है। पांच तहसीलों में से चार में बैनामों की संख्या घटी है। केवल सदर तहसील की स्थिति ही बीडा और नई झांसी के लिए हो रही जमीन की खरीद की वजह से बेहतर बनी हुई है।
जिले में छह सब रजिस्ट्रार ऑफिस हैं। इनमें एक-एक कार्यालय जिले की चार तहसीलों में और दो कार्यालय सदर तहसील में हैं। ग्रामीण क्षेत्र की चारों तहसीलों में पिछले साल के मुकाबले इस साल बैनामों में कमी देखने को मिली है। मोंठ में पिछले साल अगस्त में 299 बैनामे हुए थे, जबकि इस साल यह संख्या 279 पर सिमट गई। इसी तरह, मऊरानीपुर तहसील में 426 के मुकाबले 351 बैनामे हुए हैं। गरौठा तहसील में पिछले साल 259 बैनामे हुए थे, जबकि इस साल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के 220 दस्तावेज ही पंजीकृत हुए हैं।
इसी प्रकार, टहरौली तहसील में पिछले साल 225 बैनामे हुए थे, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 118 पर पहुंचकर ही रुक गया है। हालांकि, इस मामले में झांसी सदर तहसील का ग्राफ बीडा और जेडीए द्वारा बसाई जा रही नई झांसी के लिए हो रहे जमीनों के बैनामे संभाले हुए हैं। पिछले साल सदर तहसील के दोनों दफ्तरों में 1,868 बैनामे हुए थे, जबकि इस बार 2,277 बैनामे हुए हैं।
रियल एस्टेट के मंदी की चपेट में होने की वजह से निबंधन विभाग के लिए शासन द्वारा तय किया गया राजस्व लक्ष्य हासिल करना भी मुश्किल हो रहा है। शासन ने 418 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके सापेक्ष अब तक 169.09 करोड़ ही हासिल हो पाए हैं।
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नवरात्र में तेजी आने की है उम्मीद
सहायक महानिरीक्षक निबंधन प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल जिले की चार तहसीलों में बैनामों की संख्या में कमी आई है। केवल सदर तहसील की स्थिति ही बेहतर है। यहां बीडा और जेडीए के प्रोजेक्ट के लिए लगातार बैनामे हो रहे हैं। पितृपक्ष के बाद नवरात्र में बैनामों में तेजी आने की उम्मीद है।
