{“_id”:”688be01fd6861e5ec20dadb2″,”slug”:”school-building-is-dilapidated-studies-in-the-verandah-childrens-lives-are-in-danger-bareilly-news-c-4-bly1015-693893-2025-08-01″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”ये कैसी पाठशाला: भवन जर्जर, बरामदे में पढ़ाई… खतरे में बच्चों की जान, देखिए बरेली के इन स्कूलों की दशा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
बरेली में दो स्कूल करीब सौ साल पुराने है। इनमें एक तो खंडहर में तब्दील हो चुका है। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को इन स्कूलों की पड़ताल की।
साहूकारा प्राथमिक विद्यालय नवीन प्रथम – फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बरेली के सरकारी स्कूलों में कांवेंट स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने के दावे साहूकारा प्राथमिक विद्यालय नवीन प्रथम के आगे खोखले साबित होते हैं। इस स्कूल का भवन खंडहर में तब्दील हो चुका है। बच्चे खतरे के साये में पढ़ाई करते हैं। हालात यह हैं कि तेज हवा चलने और बादल घिरने पर स्कूल में अवकाश कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।
Trending Videos
कैसी है पाठशाला… मुहिम के तहत परिषदीय विद्यालयों के हाल का जायजा लेने बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम दोपहर करीब एक बजे साहूकारा प्राथमिक विद्यालय पहुंची। खंडहर जैसे भवन में प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापिका बच्चों का रिकॉर्ड आदि तैयार कर रहीं थीं। सभी कक्षाओं में ताला था।
पूछने पर बताया कि दोपहर करीब 12 बजे घने बादल मंडराने लगे तो बच्चों की छुट्टी कर दी गई, ताकि वे छत से टपकते बारिश के पानी और ईंट गिरने पर चोटिल होने से बच सकें। छुट्टी से पहले बच्चों को मिड डे मील खिला दिया था। बताया कि छत और दीवार की दरारों से पीपल आदि पौधे निकल रहे हैं। भवन के बीचोंबीच अमरूद का पेड़ सूख चुका है।