मैनपुरी। बुधवार से शुरू हुई बारिश ने बीते छह सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 36 घंटे में कुल 103.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के चलते संकट खड़ा हो गया है। सरकारी स्कूलों से लेकर भवनों तक पानी भर गया है। वहीं बस्तियों में नाले और गलियां पानी भरने के चलते एक हो गए हैं। इससे लोगों को हादसों का भी खतरा बना हुआ है।
दो दिनों से लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए आफत बन गई है। मैनपुरी के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के चलते कच्चे मकान गिरने से पांच जानें चली गईं। वहीं दूसरी तरफ जलभराव भी मुसीबत खड़ी कर रहा है। बारिश इतनी ज्यादा हुई है कि बीते छह सालों का रिकॉर्ड टूट गया। बुधवार सुबह 5 बजे से लेकर बृहस्पतिवार शाम 5 बजे तक कुल 103.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले जून 2018 में दो दिनों में 183 मिमी बारिश का आंकड़ा दर्ज किया गया था। इसके बाद से अब तक इतनी बारिश फिर नहीं हुई।
बारिश के चलते अब लोगों के चेहरों पर चिंता साफ नजर आने लगी है। शहर में सरकारी भवनों का हाल भी जलभराव के चलते बेहाल है। शहर के देवी रोड से लेकर नगला शिवलाल और आसपास के परिषदीय विद्यालयों में पानी भर गया है। दीवानी परिसर में भी जलभराव होने के चलते लोगों को परेशानी हुई। वादकारी और अधिवक्ता पानी के बीच घुसकर अपने कमरों तक पहुंचे।
बस्तियों का हाल तो इससे भी ज्यादा खराब है। यहां नाले और गलियां जलभराव के चलते एक हो गए हैं। खरगजीत नगर, राजीव गांधी नगर, मोहल्ला अग्रवाल, छपट्टी, नगला गोवर्धन, नगला रते, नगला शिवलाल, नगला निरंजन में पानी भर गया। इससे लोगों को आने-जाने में भी परेशानी हुई। सरकारी कर्मचारी भी सुबह भीगते हुए ही कार्यालय पहुंचे तो वहीं शाम को बारिश के बीच ही अपने घर लौटे। अब लोग बारिश रुकने के लिए ही प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं।
धान को फायदा, बाजरा की फसल पर संकट
फसलों के लिहाज से भी बारिश अब कहीं फायदा तो कहीं नुकसान का कारण साबित हो रही है। धान की फसल के लिए तो ये बारिश उपयुक्त है, लेकिन बाजारा की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। खेतों में खड़ी बाजार की फसल में बाल निकल रही है। ऐेसे में इसमें वजन बढ़ गया है। बारिश के साथ हवा चलने से ये जमीन पर गिर जाएगा। इससे उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में बाजारा की खेती करने वाले किसान भी बारिश रुकने के लिए आस लगाए बैठे हैं।
आज भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार अभी बारिश लोगों को और सताएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक नरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को भी मध्यम से भारी बारिश जिले में जारी रहेगी। उन्होंने सब्जी के खेतों में जलनिकासी के लिए इंतजाम करने की सलाह दी। साथ ही तोरिया सरसों की बुवाई करने वाले किसानों को बीज व उर्वरक तैयार रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि बारिश रुकने के बाद बुवाई का काम शुरू हो जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्कूलों में अवकाश किया घोषित
बुधवार सुबह से ही रही बारिश के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को डीएम अविनाश कृष्ण सिंह के आदेश पर स्कूल बंद कर दिए गए थे। वहीं देर शाम तक मौसम सही न होने पर डीएम ने शुक्रवार को भी कक्षा आठ तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
स्कूलों की छुट्टी के चलते रही राहत
बारिश के चलते जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह के आदेश पर स्कूलों की छुट्टी कर दी गई थी। इसके चलते बच्चों को राहत रही। हालांकि आदेश बृहस्पतिवार को सुबह जारी होने के चलते अभिभावक चिंतित नजर आए। स्कूलों की छुट्टी के चलते बच्चे घरों में ही सुरक्षित रहे।
कई जगह टूटे पेड़ों ने खड़ी की मुसीबत
बारिश और हवा के चलते कई क्षेत्रों में पुराने पेड़ धराशाई हो गए। सड़कों पर पेड़ गिरने से कई जगह आवागमन बाधित रहा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करहल के सिरसागंज रोड पर बाबूराम डिग्री कॉलेज के पास एक पेड़ सड़क पर गिर गया। इसके चलते आवागमन बाधित रहा। दिन में पेड़ को कटवाकर रास्ता खुलवाया गया।
बारिश ने उड़ाया बिजली का फ्यूज, कई क्षेत्र में आपूर्ति बंद
मैनपुरी। बुधवार से शुरू हुई बारिश ने बिजली का फ्यूज उड़ा दिया। बारिश के चलते एहतियात के तौर पर कई इलाकोंं में बिजली की आपूर्ति बंद करनी पड़ी। बिजली बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश थमने पर बिजली आपूर्ति चालू कराई गई।
बुधवार रात नगला रते, कचेहरी रोड और देवी रोड इलाके में रात नौ बजे से 11 बजे तक बिजली बंद रही। बृहस्पतिवार सुबह बारिश शुरू होते ही गुलाबबाग इलाके में बिजली के खंभों में करंट आने से बिजली बंद कर दी गई। छपट्टी, वंशीगोहरा, दरीबा, ककरइया, ताल दरवाजा, आश्रम रोड और कचेहरी रोड लाइन में हुए फाल्ट के चलते बिजली बंद कर दी गई।
बारिश थमने पर फाल्ट सही करके आपूर्ति चालू कराई गई। दोपहर एक बजे लाल मठिया इलाके में फाल्ट से बिजली आपूर्ति बंद हो गई। बारिश थमने पर फाल्ट सही करके आपूर्ति सुचारू कराई गई।
लेखपालों ने नुकसान की रिपोर्ट सौंपी
भोगांव। बारिश के चलते हुए नुकसान की रिपोर्ट क्षेत्रीय लेखपालों ने तहसीलदार को दी है। रजिस्ट्रार कानून-गो राजेश कुमार सक्सेना ने बताया कि दो दिनों की बारिश में मकानों के गिरने की रिपोर्ट लेखपालों ने तहसील में जमा कराई है।
ग्राम विनोदपुर के आजाद श्रीवास्तव के मकान की कच्ची दीवार गिरने से लगभग दस हजार रुपयों का नुकसान हुआ। नगला पैठ में ओमकार के मकान के दो कच्चे कमरों के गिरने से 30 हजार रुपये, मुरादपुर नगरिया के राघवेंद्र का मकान कई स्थानों पर चटख जाने से 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। ग्राम जरारा के उत्तम सिंह के गाटर पटिया का मकान गिरने से एक लाख के नुकसान की संभावना जताई है। ग्राम रानीपुर में सीमा देवी और अनीता के मकानों की छतों के गिर जाने पर लगभग 1.50 लाख रुपये के नुकसान की जानकारी क्षेत्रीय लेखपाल ने दी है।
रानीपुर में सीमा देवी की मकान की छत बैठ जाने से 70 हजार रुपये, ग्राम बाजपुर के संजीव कुमार के मकान की दीवार गिर जाने से 10 हजार रुपये, ग्राम मौजेपुर हविलिया की अनीता देवी की छत गिर जाने, मुड़ई के धर्मेंद्र की छत गिरने से 20- 20 हजार रुपयों के नुकसान की रिपोर्ट लेखपालों ने दी है। ग्राम सलेमपुर पड़ीना के रामदयाल के मकान की दीवार गिर जाने से 80 हजार रुपयों की भैंस दब कर मर गई। लेखपालों के नुकसान की रिपोर्टों को तहसीलदार कमलेश कुमार ने सत्यापन के लिए कानूनगो के पास भेजा है।
