चिकनगुनिया…ऐसी बीमारी जो ठीक होने पर भी कई बार ताउम्र दर्द देती है। इससे लोग मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द से जूझते रहते हैं। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने इस बीमारी का तोड़ निकाल लिया है। इसकी वैक्सीन बनाई जा रही है, जो अंतिम चरण में है। इसके दो ट्रायल सफल हो चुके हैं। अगले साल ये लांच हो जाएगी।

माल रोड स्थित होटल में संचालित इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) की कार्यशाला में विशेष बातचीत में आईएपी के पूर्व अध्यक्ष महाराष्ट्र के डॉ. विजय येवले ने बताया कि बीबीआईएल बीते एक साल से चिकनगुनिया की वैक्सीन बनाने का ट्रायल कर रही है। पहले चरण में एनिमल ट्रायल पूरा होने के बाद मनुष्यों पर प्रयोग शुरू हो गए हैं। दो स्टेज के ट्रायल पूरे हो गए हैं, तीसरा चल रहा है। इसकी सुरक्षा की निगरानी डेटा सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड (डीएसएमबी) भी कर रही है। ये वैक्सीन 12 से 65 साल की उम्र तक लगाई जाएगी। इसकी दो डोज लगेंगी, जिसमें 28 दिन का अंतराल रहेगा। इस वैक्सीन का नाम बीबीवी-87 होगा। इसी कंपनी ने कोविड की कोवैक्सीन और टाइफाइड की वैक्सीन बनाई है। वैक्सीन के बनने से चिकनगुनिया की बीमारी से बचाव होगा।

एडीज मच्छर से बीमारी, असहनीय देती है दर्द

चिकनगुनिया एडीज मच्छर के काटने से होता है। ये वायरल रोग है। ये बीमारी जानलेवा नहीं है, लेकिन तेज बुखार के साथ जोड़ों में असहनीय दर्द होता है। चिकनगुनिया ठीक होने पर भी कई माह-सालों तक रहता है। कामकाज करने में भी परेशानी होती है। जुलाई-नवंबर तक मच्छरों का प्रकोप अधिक रहता है, इससे इन दिनों में ये बीमारी अधिक रहती है।

वैक्सीन देगी राहत

आईएपी आगरा शाखा के पूर्व अध्यक्ष और कार्यशाला सचिव डॉ. अरुण जैन ने बताया कि बच्चों में भी चिकनगुनिया होता है। वह इसके दर्द को सहन नहीं कर पाते हैं। वैक्सीन आने से चिकनगुनिया से बचाव होगा। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

 



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