शुक्रवार से पौष का महीना शुरू हो गया है। यह माह सूर्य देव की उपासना के लिए उत्तम माना जाता है। सौभाग्य एवं बेहतर स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। पूर्वजों को जल तर्पण करने से वह खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं।
पंचांग का दसवां महीना पौष माह का विशेष धार्मिक महत्व है। जप, तप एवं सत्संग करने से पाप नष्ट होते हैं। ज्योतिषविद हरिओम थापक के अनुसार पौष माह में खिचड़ी का प्रसाद लगाना चाहिए। गरम वस्त्रों का दान करना चाहिए। भगवान सूर्य की आराधना कर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। पौष माह हेमंत ऋतु के अंतर्गत आता है। इसलिए ठंड भी अधिक पड़ती है। उनके अनुसार 15 को सफला एकादशी, 19 को अमावस्या, 30 को पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी। पुष्य नक्षत्र 8 दिसंबर को रहेगा। पूर्णिमा 3 जनवरी को मनाई जाएगी। 16 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे।
