रायबरेली। जिले के सलोन ब्लॉक के गांवों में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने के मामले में गृह मंत्रालय से मांगी गई रिपोर्ट नहीं भेजी गई। महा रजिस्ट्रार कार्यालय ने मामले का संज्ञान में लेते हुए रिपोर्ट तलब की। सीएमओ ने डीपीआरओ से दो दिन में पूरी रिपोर्ट मांगी थी लेकिन 15 दिन बाद भी नहीं दी गई। लापरवाही पर शासन ने नाराजगी जताई है।
जांच में पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल से जुड़े प्रदेशों समेत अन्य राज्यों से संबंधित फर्जी प्रमाणपत्र सामने आने के बाद मामला काफी गंभीर है, लेकिन अधिकारी बेलगाम नजर आ रहे हैं। सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, गढ़ी इस्लाम नगर, लहुरेपुर, सिरसिरा, गोपालपुर गांवों में 19426 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पकड़े गए हैं।
पड़ताल में बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल, पंजाब समेत करीब 12 प्रांतों के फर्जी प्रमाणपत्र मिले हैं। 24 अक्तूबर 2023 को नुरुद्दीनपुर गांव में करीब एक हजार प्रमाणपत्र एक ही दिन में बनाए गए थे। ग्राम पंचायत अधिकारी व आरोपी विजय सिंह यादव की आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके जालसाज जीशान ने अन्य प्रांतों के गैंग के साथियों के माध्यम से फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए।
घुसपैठियों से तार जुड़े होने के मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने मामले का संज्ञान लिया है। संयुक्त निदेशक अरविंद कुमार पांडेय ने मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु)/ महानिदेशक डॉ. बृजेश राठौर से फर्जीवाड़े की पूरी रिपोर्ट तलब की थी। महानिदेशक के निर्देश पर सीएमओ ने बीती 21 अगस्त को पत्र जारी करके डीपीआरओ सौम्यशील सिंह को दो दिन में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे, जिससे केंद्र और राज्य सरकार को मामले से अवगत कराया जा सके, लेकिन पंचायतीराज विभाग ने अब तक रिपोर्ट सीएमओ को नहीं सौंपी है। इससे भारत सरकार को रिपोर्ट भेजी नहीं जा सकी है।
छह गांवों के प्रमाणपत्रों की जांच तक शुरू नहीं कराई
फर्जीवाड़े के आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी विजय सिंह यादव की सलोन ब्लॉक के वर्तमान तैनाती वाले छह गांवों पाल्हीपुर, दुबहन, पृथ्वीपुर, अवनानीश, माधपुर निनैया, सांडा सैदन की जांच बाकी है। उसके पूर्व तैनाती वाले गांवों की जांच पूरी हो चुकी है, जिले में 19426 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मिल चुके हैं, लेकिन शेष छह गांवों में बने प्रमाणपत्रों की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। सूत्रों का कहना है कि जांच शुरू ही नहीं कराई गई है।
जन्म प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े के संबंध में गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की है। मामले में 21 अगस्त को डीपीआरओ को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी गई थी। अब तक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। रिमाइंडर भेजकर तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भारत सरकार को अवगत कराया जा सके।
– डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
