– मनी लॉडि्रग और पाकिस्तान के लोगों को सूचनाएं साझा करने का आरोपी बताया
– एक फर्जी लिंक देकर उसमें सेव फर्जी अरेस्ट वारंट दिखाकर डराया
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। एसडी फील्ड निवासी नगर पालिका के सेवानिवृत्त लिपिक के परिवार को मनी लॉडि्रंग और पाकिस्तान के लोगों को सूचनाएं साझा करने का आरोपी बताकर 17 दिनों तक ठगों ने डिजिटल अरेस्ट रखकर 5.40 लाख रुपये ठग लिए। इसके बाद एक लाख रुपये की और मांग की। 25 दिनों बाद वारदात का अहसास होने पर परिवार ने दो मार्च को साइबर थाने में सेवानिवृत्त लिपिक ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मुकेश कुमार सक्सेना ने बताया कि वह अगस्त 2025 में नगर पालिका से लिपिक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बताया कि घर में उनके साथ पत्नी, एक क बेटी, एक अविवाहित भाई रहते हैं। आठ फरवरी को उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम से बोलेने का दावा किया और कहा कि वह सीबीआई से विशाल शर्मा बोल रहा है। उसने कहा कि मुकेश आपके खिलाफ मनी लॉडि्रंग और पाकिस्तान को सूचनाएं पहुंचाने का आरोप है। कहा कि 2.56 करोड़ की मनी लॉडि्रंग का केस है। इसमें से 25 लाख 60 हजार रुपये तुम्हें भी मिले हैं। बताया कि उनके आधार कार्ड से दो सिमें जारी हुई हैं। उन नंबरों से पाकिस्तान के लोगों को गोपनीय सूचनाएं भेजी जाती हैं। इस मामले में उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हुआ है। यह सुनकर मुकेश घबरा गए। ठग ने मुकेश से दिल्ली आने के लिए कहा, नहीं आने पर इटावा से गिरफ्तार करने की धमकी दी। थोड़ी देर बात करने के बाद आरोपियों वीडियो कॉल शुरू कर दी। उसने वीडियो कॉल पर मुकेश, उनकी बेटी दिशा को उनका एक आधार कार्ड दिखाया। इसके बाद एक फर्जी लिंक भेजकर उसमें से ऑनलाइन ही एक अरेस्ट वारंट दिखाया। इस पर मुकेश की फोटो भी लगी थी। यह देखकर परिवार के लोगों को उसकी बातों पर यकीन हो गया। वीडियो में तीन लोग दिख रहे थे। इनमें से एक वर्दी में था। इसके आरोपी ठग ने अपना आईडी कार्ड भी दिखाया। मुकेश के झांसे में आ जाने के बाद ठग ने उनके परिवार की जानकारी ली। धमकी दी कि अपने भाई को न बताना वरना वह भी इस मामले में फंस जाएंगे। आरोपी ने वीडियो कॉल पर ही मुकेश का पूरा घर देखा। इसके बाद वीडियो कॉल को लगातार चलने देने को कहा। बताया कि इस मामले में उन्हें सात साल की कैद और 5.40 लाख रुपये जुर्माना देना पड़ेगा। ठग ने मुकेश को यह भी कहा कि घर के अंदर कोई आना नहीं चाहिए और आप लोग बाहर नहीं जाएंगे। डर की वजह से मुकेश और उनका परिवार घर में ही बना रहा। रात में सोने के दौरान भी वीडियो कॉल चलते रहने के लिए कहा। पहले दिन करीब 25 घंटे 42 मिनट तक वीडियो कॉल से निगरानी की। इसके बाद कॉल कट गई। फिर नौ मार्च को कुछ देर बाद ही वीडियो कॉल की। मुकेश से कहा कि इस मामले में वह लगभग 90 दिनों तक पूछताछ के लिए हिरासत में रहेंगे। इसके बाद उनके घर आदि संपत्ति की कुर्की कर दी जाएगी। इससे मुकेश व उनका परिवार और डर गया। दिनभर उनसे खाते और घर से जुड़ी जानकारियां लेते रहे। शाम को मुकेश की पत्नी और बेटी पूछकर दूध लेने गई। इस बीच ठग ने बेटी को वीडियो कॉल चलते हुए फोन ले जाने को कहा। नौ फरवरी को ठग ने मुकेश से चेकबुक मांगी तो मुकेश ने चेकबुक, एटीएम कुछ भी न होने की बात कही। ठगों ने उन्हें कहा कि जांच के लिए चेक का होना जरूरी है। बैंक में जाकर चेकबुक के लिए आवेदन कर दो। मुकेश ने आवेदन तो कर दिया, लेकिन बैंक से चेक आने में एक सप्ताह लगने की बात कही गई। यह बात मुकेश ने ठगों को बताई तो उन्हें बैंक में जाकर बैंकिंग ऐप मोबाइल में शुरू कराने को कहा। 11 फवरी को बेटी वीडियो कॉल चलती हुए फोन को साथ लेकर गई। बैंक में जानकारी करने पर पता चला कि बिना एटीएम के ऐप नहीं चल सकता। इस बीच ठग ने एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाने का दबाव बनाया। मुकेश एचडीएफसी बैंक गए तो वहां 10 हजार में खाता खुलने की बात कही गई। इस पर मुकेश ने घर आकर नया खाता खुलवाने में असमर्थता जताई। इस पर ठग ने चेकबुक आने का इंतजार करने की बात कही। 16 फरवरी को चेकबुक आते ही ठगों ने मुकेश से 5.40 लाख रुपये आरटीजीएस करा लिए थे। इसके बाद यूटीआर नंबर मांगकर पुष्टि भी कर ली। हालांकि इसके बाद ठगों ने उनसे बात करना नहीं छोड़ा।
कुछ दिनों में रुपये वापस आने दिया झांसा, 23 फरवरी को फिर एक लाख मांगे
मुकेश ने बताया कि आरोपी ठग ने उनसे कहा था कि उनका रुपये कुछ दिन में वापस भी आ जाएगा। रुपये जमा होने के बाद भी ठग वीडियो कॉल पर बात करते रहे। 23 फरवरी को ठग ने एक रुपये और जमा करने को कहा। मुकेश ने पूछा अब क्यों रुपये चाहिए तो ठग ने बताया कि सिक्योरिटी के रूप में वह रुपये लिए जा रहे हैं। एक लाख देते ही आपके 5.40 लाख रुपये आ जाएंगे। जब और रुपये नहीं होने की बात मुकेश ने कही तो ठग 50 हजार पर आ गए। फिर कहने लगे कि जो हो वह जमा कर दो।
24 को चलती रही वीडियो कॉल…पर बोला कोई नहीं
मुकेश ने बताया कि 24 फरवरी को वीडियो कॉल चलती रही, लेकिन किसी की आवाज नहीं आ रही थी। कई बार बेटी और मैंने बोला लेकिन सामने से कोई नहीं बोला। इस पर बेटी को ठगी की आशंका हुई। उसने जैसे ही बोला कि मुझे ठग लग रहे हैं तो एक ठग सामने आया और बोला कि क्या कोई दिक्कत है। जब उन्होंने कहा कि जिन रवि सर के पास मेरी फाइल है वह कहां हैं तो ठग ने कहा कि वह चले गए हैं। इसके बाद 25 को न रुपये वापस नहीं आए और ठगों ने मुकेश की कॉल भी नहीं उठाई।
कॉलेज और शादी में भी पूछकर गए…वीडियो कॉल चलती रही
मुकेश ने बताया कि 13 फरवरी को बेटी ने कहा कि उसे कॉलेज फीस जमा करने जाना है तो ठग ने पूछा कि कॉलेज कितनी दूर है। कब तक आ जाओगी। सब पूछने के बाद ठग ने जाने दिया, लेकिन मुकेश को घर पर ही कैमरे के सामने रहने की हिदायत दी। इसी तरह 14 फरवरी को परिवार एक शादी में शामिल होने भी पूछकर गया। इस दौरान पूरी शादी समारोह में फोन पर वीडियो कॉल चलती रही।
नई सिम भी मंगवाई, पुरानी सिम तोड़कर फेंकने को कहा
मुकेश ने बताया कि ठग ने 25 फरवरी को दोपहर नई सिम लाने के लिए कहा। बताया कि जो सिम चल रही है यह खतरनाक हो चुकी इसके चक्कर में आगे भी फंस सकते हो। उसने कहा कि नई सिम ले आओ और पुराने तोड़कर फेंक देना। मुकेश नई सिम भी ले आए, पुरानी सिम को निकालकर रख दिया। इसके बाद से ही ठगों ने संपर्क करना बंद कर दिया।
साले के लड़के को बुलाकर बताई घटना, तब ठगी की हुई पुष्टि
मुकेश ने बताया कि एक मार्च को उन्होंने अपने साले के बेटे को बुलाया, जो शहर के एक प्रतिष्ठि विद्यालय में 12 वीं का छात्र है। जब उसे मोबाइल में सारी चीजें दिखाईं और घटनाक्रम बताया तो उसने ठगी होने की बता कही। तब जाकर दो फरवरी को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
