Revati Nakshatra will remain on Sharad Purnima

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झांसी। शरद पूर्णिमा 16 अक्तूबर को मनाई जाएगी। हालांकि कई श्रद्धालु यह पर्व 17 अक्तूबर को भी मनाएंगे। शरद पूर्णिमा पर रेवती नक्षत्र रहेगा। चंद्रमा 16 कलाओं में नजर आएगा। श्रद्धालु भगवान विष्णु को मावा के लडडू अर्पण करेंगे। वहीं, कई श्रद्धालु रात्रि जागरण कर मां लक्ष्मी की पूजा आराधना करेंगे। महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार बुधवार 16 अक्तूबर की रात्रि 8:40 बजे पूर्णिमा की तिथि लग जाएगी, जो 17 को भी रहेगी। रेवती नक्षत्र में चंद्रमा शाम 7:16 बजे से होगा। शरद पूर्णिमा पर रात्रि में खुले आसमान में खीर रखी जाती है। अगले दिन भगवान को अर्पण करने के पश्चात ग्रहण किया जाता है। इससे स्वास्थ्य लाभ मिलता है। शरद पूर्णिमा को रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। संवाद

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