जिला संवाददाता जालौन
(पर्वत सिंह बादल ✍️)
( उरई जालौन ) जनपद जालौन में निर्धन व निराश्रित वादकारियों की विभिन्न न्यायालयों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने एवं ऐसे वादकारियों को विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के अन्तर्गत निःशुल्क व सक्षम विधिक सहायता प्रदान करने हेतु कार्यरत पैनल अधिवक्ताओं/रिटेनर्स के कार्यों की समीक्षा बैठक विगत दिवस उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश लल्लू सिंह के कुशल मार्ग-दर्शन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेनू यादव द्वारा ली गयी।जिला दीवानी न्यायालय परिसर में आज सम्पन्न हुयी इस बैठक में सचिव श्रीमती रेनू यादव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पैनल अधिवक्ताओं को प्रदत्त मुकदमों में वादकारी की सम्बन्धित न्यायालय में निःशुल्क पैरवी प्रभावी ढंग से किये जाने हेतु उन्हें निर्देशित किया गया। ऐसे मुकदमों में की गयी पैरवी के सापेक्ष उनके द्वारा मासिक आख्यायें कार्यालय में जमा नहीं किये जाने के कारण इससे सम्बन्धित सूचनायें उच्च न्यायालय/उतर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को समय से प्रेषित नहीं हो पाने पर उनके द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त करते हुये सभी पैनल अधिवक्तागण को प्रत्येक माह की आख्या प्रथम सप्ताह में ही दाखिल करने के निर्देश भी दिये गये। कारागार में निरूद्ध बन्दियों के मामलों में त्वरित पैरवी करने एवं आवश्यकतानुसार जिला कारागार उरई जाकर सम्बन्घित बन्दी/अभियुक्त से उसके प्रकरण से सम्बन्धित वार्ता करने की सलाह दी गयी। वैवाहिक/दाम्पत्य विवादों के प्रार्थना-पत्रों पर मुकदमा पूर्व सुलह प्रक्रिया सम्पादन हेतु उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला दीवानी न्यायालय परिसर जालौन स्थान-उरई को अधिकाधिक संख्या में संदर्भित कराये जाने के प्रयास हेतु उन्हें प्रेरित किया गया। इसी प्रकार विभिन्न न्यायालयो में चल रहे मुकदमों में से ऐसे मामले जिनमें सुलह की सम्भावना हो, उनको भी मध्यस्थता केन्द्र में संदर्भित कराने में रूचि लेने एवं विधिक साक्षरता शिविरों तथा विधिक सेवा कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा सचिव रेनू यादव द्वारा पैनल अधिवक्तागण से की गयी।
टेली लॉ प्रोजेक्ट के अन्तर्गत न्याय बन्धु एप्प के माध्यम से निर्धन व असहाय वर्ग के अधिक से अधिक व्यक्तियों को विधिक सहायता प्रदान करने हेतु प्रतिदिन कम से कम 04 घण्टे अथवा सायंकाल 07ः30 बजे तक अपनी सेवायें प्रदान करने सम्बन्धी नालसा के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया। बैठक में पैनल अधिवक्ता रामजी, अब्दुल रहमान खान, राजकुमारी निषाद, साधना त्रिपाठी एवं मन्जूलता याज्ञिक आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।