Rising temperature is increasing the problems of farmers

कासगंज के बढ़ारी वैश्य क्षेत्र में लहलहाती गेहूं की फसल ।

कासगंज। बढ़ते तापमान ने गेहूं की खेती करने वाले किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। पैदावार प्रभावित होने की आशंका से वे चिंतित हैं। कृषि वैज्ञानिक भी 20 प्रतिशत तक गेहूं की पैदावार प्रभावित होने की संभावना जता रहे हैं।जिले में वर्ष 2018 के बाद से इस वर्ष जनवरी में मौसम बदला है। इस माह में अधिकतम औसत तापमान 21 डिग्री तक रहता है। इस समय यह तापमान औसत से दो डिग्री अधिक चल रहा है। कई दिन से दोपहर में तेज धूप निकल रही है। इसका सबसे अधिक असर गेहूं की खेती पर माना जा रहा है। गेहूं की फसल के लिए 20 से 21 डिग्री तक तापमान ही उचित माना जाता है। जिले में गेहूं की खेती बढ़े पैमाने पर होती है। करीब 1.50 लाख किसान इसकी खेती से जुड़े हैं। आने वाले दिनों में मौसम विभाग तापमान में और भी वृद्धि की संभावना जता रहा है। ऐसे में किसान काफी परेशान हैं। गेहूं की फसल पर पड़ रहे प्रभाव से उनकी चिंता बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रनवीर सिंह का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए इस समय जो मौसम चल रहा है वह ठीक नहीं है। फसल की ग्रोथ प्रभावित हो रही है। इससे दाना कमजोर रहने की संभावना है। यदि मौसम ऐसा ही बना रहा तो 20 प्रतिशत तक पैदावार प्रभावित हो सकती है।

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