कोंच। मंडी से हरी मटर बेचकर लौट रहे किसान से रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने पूर्व सपा नेता रिजवान मंसूरी उर्फ छोटू टाइगर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना 12 जनवरी की बताई जा रही है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम घुसिया निवासी प्रदुम्ब पटैरिया ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि उनके पिता के पास गांव में लगभग 35 बीघा कृषि भूमि है। इसकी देखरेख वह करते हैं। खेत में हरी मटर की फसल लगी थी। इसे उन्होंने 25 दिसंबर की रात ट्रैक्टर-ट्रॉली से कोंच मंडी स्थित खुशाली एंड आशी ट्रेडिंग कंपनी के यहां बेचा था। मटर बिक्री का भुगतान तत्काल नहीं मिला और आढ़ती ने करीब 15 दिन बाद रुपये देने की बात कही।
पीड़ित के अनुसार 12 जनवरी को वह साथियों अजय कुमार व देशराज सिंह के साथ मंडी पहुंचा, जहां आढ़ती ने खर्च चलाने के लिए उसे 15 हजार रुपये दिए। रुपये लेकर वह ट्रैक्टर से घर लौट रहा था।
इसी दौरान घुसिया नहर पुलिया के पास कोंच कस्बा निवासी सपा मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के पूर्व जिलाध्यक्ष रिजवान मंसूरी उर्फ छोटू टाइगर ने बाइक से रास्ता रोक लिया। आरोप है कि रिजवान ने खुद को बड़ा नेता बताते हुए किसान से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रकम न देने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी। भय के कारण किसान ने अपने पास मौजूद 15 हजार रुपये रिजवान को दे दिए। इसके बाद रिजवान ने शेष रकम जल्द देने का दबाव बनाया। पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी देकर मौके से चला गया।
पीड़ित ने बताया कि दो दिन बाद रिजवान सागर तालाब के पास दोबारा मिला और गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्जकर बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया यहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इनसेट
खुद को बेकसूर बताकर गिड़गिड़ाता रहा रिजवान
उरई। युवती के गायब हो जाने के मामले में पूर्व सपा नेता पर युवती के परिजनों ने अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया था लेकिन घटना के बाद युवती का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया था। इसमें उसने बताया था कि वह परिजनों से परेशान होकर चली गई है। इस पर पुलिस ने रिजवान को छोड़ दिया था। वहीं, हिंदू संगठनों ने लव जिहाद बताकर प्रदर्शन किया था। इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। बुधवार को जब पुलिस उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराने ले जा रही थी, तो वह चिल्ला-चिल्लाकर खुद को बेकसूर बता रहा था। उसका कहना है कि पुलिस जब युवती के मामले में उसे नहीं फंसा पाई तो अब झूठा आरोप लगाकर उसे जेल भेजा जा रहा है। उसका कहना है कि उसने कभी किसी से रंगदारी नहीं मांगी है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिस पर चर्चा का बाजार गर्म रहा। (संवाद)
वर्जन
किसान की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी के आधार पर रिजवान मंसूरी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
– परमेश्वर प्रसाद, सीओ, कोंच
