
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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रालोद और सपा का रास्ता शीघ्र ही अलग हो सकता है। सूत्रों की मानें तो रालोद का एनडीए गठबंधन में जाना करीब-करीब तय है। रालोद प्रमुख जयंत चौधरी की दिल्ली में भाजपा नेताओं से मुलाकात की खबरें भी चल रही हैं। एनडीए गठबंधन में मंत्री पद के साथ रालोद को दो लोकसभा सीटें भी मिलने की संभावना है।
पिछले दिनों सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने एक्स के जरिये गठबंधन का एलान किया था। रालोद को सात सीटें दी गई। बताते हैं कि इनमें चार सीटों पर प्रत्याशी सपा के रखे जाने की शर्त ने गठबंधन में पेंच फंस गया। रालोद नेताओं ने कैराना और बिजनौर सीट सपा के बताए प्रत्याशियों को देने पर सहमति भी दे दी थी। लेकिन मुजफ्फरनगर और हाथरस सीट को लेकर दोनों दलों के बीच दूरियां बन गई। इसी दौरान चर्चा शुरू हो गई कि रालोद अध्यक्ष की भाजपा से गठबंधन की बात हुई है। बातचीत की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सियासी गलियों में सबने अपने-अपने समीकरण लगाने शुरू कर दिए। रालोद नेतृत्व ने अभी तक न तो इन्कार किया और न ही इकरार, जिस कारण चर्चाओं ने दिनभर तेजी पकड़ी।
रालोद विधायक जा सकते हैं दिल्ली
दो दिन पहले रालोद विधायकों को सत्र बीच में ही छोड़कर दिल्ली से बुलावा आया था। इस मुलाकात को गठबंधन से जोड़कर देखा गया। लेकिन इसी दौरान दिल्ली से दोबारा संदेश दिया गया कि अभी इंतजार करें। माना जा रहा है कि रालोद नेतृत्व अपने विधायकों से अलग-अलग राय लेकर ही अगला कदम उठाएगा।
गणतंत्र दिवस के बाद एक्स भी चुप
रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने गणतंत्र दिवस के बाद एक्स पर भी कोई पोस्ट नहीं की है। इसी दौरान छपरौली में 12 फरवरी के कार्यक्रम को भी पीछे हटा दिया गया। रालोद नेताओं ने अपने हिस्से में आई सभी सीटों पर जो सर्वे कराया, उसमें अपने ही प्रत्याशी लड़ाने की बात भी सामने आई थी। जिसके बाद असमंजस की स्थिति है।
सीटों पर नहीं, भारत रत्न पर भी बात
सियासी गलियों में चर्चा यह भी है कि रालोद मथुरा, बागपत, बिजनौर समेत चार सीटों पर सहमति देने के लिए तैयार है। लेकिन साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने की मांग भी रखी जा रही है। साथ ही प्रदेश सरकार में हिस्सेदारी भी रालोद चाहता है।
एनडीए में जाने की खबरें बेबुनियाद : रामाशीष
रालोद के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय का कहना है कि रालोद के एनडीए में जाने की बात कोरी अफवाह है। रालोद पूरी दृढ़ता से साथ इंडिया गठबंधन का हिस्सा है।
