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मुहम्मदाबाद। ब्लॉक डकोर के कुसमिलिया गांव में शौचालय बनवाने के नाम पर पैसे मांगने का मामला तूल पकड़ गया है। बीडीओ ने ग्रामीणों के आरोप पर कहा कि गंगाजल लेकर कसम लेकर खाओ इसी बात पर बहस शुरू हो गई और बीडीओ पंचायत भवन से उठकर चले गए।
मंगलवार को कुसमिलिया गांव के प्रधान के प्रतिनिधि कृष्ण कुमार का आरोप है कि उन्होंने गांव के नौ लोगों के शौचालय की लिस्ट जारी कर सचिव को सौंपी थी। जिस पर सचिव ने उन्हें अपात्र कर दिया। इस मामले में रेखा, तिज्जन, केदार, संजू, गया प्रसाद, नरेंद्र पाल, हेमंत, पंकज, दिलीप ने सचिव पर पैसा की मांगकर शौचालय बनवाने का आरोप लगाया है। इसका वीडियो क्लिप में बीडीओ गिलास में गंगाजल लेकर लोगों को कसम खाने की बात कह रहे हैं। जब बीडीओ और सचिव से यहीं कसम खाने को कहा तो होहल्ला कर निकल गए। प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि सचिव की गलत नीतियों के चलते उन्होंने इससे कुछ दिनों पहले जिलाधिकारी को पत्र लिखकर सचिव के तीन साल अधिक एक ही स्थान पर जमे रहने का हवाला देकर ट्रांसफर की मांग भी की थी। प्रतिनिधि का कहना है कि जब पात्रता और अपात्रता गंगाजल उठाकर होनी है, तो नियम कानून किस लिए बनाए गए हैं।
डीएम राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच डीसी मनरेगा को सौंपी गई है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
प्रधान और ब्लॉक के मध्य दलालों ने लाभार्थियों से रुपये की मांग कर उन्हें शौचालय बनवाने भरोसा दिलाया है। इसकी जांच सचिव राणा इंद्रजीत को सौंपी गई, जिसमें जांच में पहले से ही घरों में शौचालय बने होने का प्रकरण सामने आने पर उन्हें अपात्र घोषित किया गया है। उन्होंने कहा बीडीओ शौचालय के नाम पर पैसे की डिमांड करे यह संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों और प्रधान प्रतिनिधि के आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
बीके कुशवाहा, बीडीओ
शौचालय निर्माण में रुपये मांगने की उन्होंने सघन चेकिंग की गई, उन्होंने चार घर चेक किए तो सभी पर पहले से शौचालय बने पाए गए। इस आधार पर उन्हें अपात्र किया गया है।
राणा इंद्रजीत, सचिव
