संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 08 Sep 2024 03:38 AM IST

रायबरेली। गदागंज थाना क्षेत्र से जुड़े एक कथित लूट के मामले में बनाए गए आरोपी को कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया। ऐसे में शनिवार की शाम युवक जेल से रिहा कर दिया गया। युवक को फर्जी जेल भेजने पर व्यापारियों ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस की ज्यादती के चलते युवक 13 दिन तक जेल में रहा।
दरअसल, गदागंज बाजार में जन सुविधा केंद्र चलाने वाले रविशंकर के साथ 20 अगस्त को सात लाख की लूट हुई थी। पुलिस ने लूट के मामले में 26 अगस्त को जमुनीपुर चरुहार निवासी दीपू उर्फ गौरव को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में पेश किया था, जिसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। युवक को जेल भेजने पर परिजन व व्यापारी नाराज थे। 29 अगस्त को परिजनों व व्यापारियों ने थाने का घेराव करते हुए थाना प्रभारी राकेशचंद्र आनंद व एक दरोगा पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कही थी।
मामले के विवेचक प्रभारी निरीक्षक ने शनिवार को कोर्ट में आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न होने की बात कही। इस पर अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन/एसीजेएम द्वितीय नीरज सिंह ने सुनवाई के बाद दीपू को व्यक्तिगत बंध पत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। जेलर हिमांशू रौतेला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दीपू को रिहा कर दिया गया।
