राजधानी लखनऊ में तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। यह आयोजन गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ। यहां तीन दिनों में 12 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी की गारंटी मिली। रोजगार महाकुंभ का अंतिम दिन युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला साबित हुआ।
रोजगार समागम में आईजीपी के सभी सभागारों मर्करी, अर्थ, सैटर्न, नेपच्यून और मार्स हॉल में सुबह से युवाओं की अच्छी संख्या में जुटान दिखी। हॉल में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से पहुंचे युवाओं की आंखों में अच्छी नौकरी की आशा नजर आ रही थी।
8315 युवाओं को घरेलू कंपनियों में नौकरी मिली
ऐसे में रोजगार मेले में पहुंची कंपनियां इन युवाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का काम कर रही थीं। दूसरे दिन बुधवार को रोजगार मेले में 9297 युवाओं को ऑफर लेटर दिए गए। इसमें 982 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की विभिन्न कंपनियों और 8315 को घरेलू कंपनियों नौकरी मिली।
हालांकि श्रम और सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित रोजगार महाकुंभ में पहले दिन उमड़ी भीड़ से इंतजामों की पोल खुल गई। ऐसे में बुधवार और बृहस्पतिवार को युवाओं को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए बेहतर प्रबंध किए गए। रोजगार मेले में भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई, जो वरदान साबित हुई।
रोजगार मेले में 100 से अधिक कंपनियां शामिल हुईं
इससे युवा बारी-बारी से कंपनियों की स्टॉल पर साक्षात्कार के लिए अपनी सीवी देने पहुंचे। रोजगार मेले में मौजूद सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि तीन दिवसीय इस रोजगार समागम में हमारी अपेक्षाओं से अधिक युवाओं ने रोजगार मेले में प्रतिभाग किया। इस मेले में 100 से अधिक कंपनियां शामिल हुईं। इसमें 22 विदेशी कंपनियां थी।
सभी कंपनियों ने एक अच्छे पैकेज के साथ युवाओं को नौकरी के लिए ऑफर लेटर दिया है। रोजगार महाकुंभ का यह आयोजन नौकरी तलाश कर रहे युवाओं और कंपनियों को एक मंच देना था। हमारा प्रयास रहेगा कि आगे भी वृहद स्तर ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन होता रहे।