लखनऊ में तीन दिवसीय रोजगार महाकुंभ में 16212 युवाओं को नौकरी दी गई। इनमें से 1645 को यूएई की कंपनियों ने रोजगारके अवसर दिए। महाकुंभ की सफलता को देखते हुए मार्च 2026 तक रोजगार महाकुंभ के तीन-चार और चरणों की योजना बनाई जा रही है। ये जानकारी प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एमकेएस सुंदरम ने दी।
उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को रोजगार महाकुंभ का समापन हो गया। इस दौरान देश में 14567 और विदेश में 1645 के हाथों में नौकरी का आफर लेटर आ गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और डॉ. के.वी. राजू उपस्थित रहे। दोनों ने नौकरी पाने वालों को बधाई दी।
तीन दिन में 100 से ज्यादा कॉरपोरेट कंपनियों ने 20 हजार से अधिक अभ्यर्थियों के ऑन-स्पॉट इंटरव्यू लिए। महाकुंभ ने न केवल नौकरियां दीं बल्कि कौशल विकास पर फोकस कर युवाओं को भविष्य के लिए सशक्त बनाया। अब उत्तर प्रदेश में लगातार रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। जनवरी 2025 से लेकर मई तक कुल करीब 1500 रोजगार मेले आयोजन किया जा चुका है।
बेहतर प्रबंधन से मिली राहत
पहले दिन उमड़ी भीड़ ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी थी। लेकिन बुधवार और बृहस्पतिवार को टोकन व्यवस्था लागू होने से सब कुछ सुव्यवस्थित हो गया। अभ्यर्थी बारी-बारी से कंपनियों के स्टॉल पर पहुंचकर इंटरव्यू देते रहे और समय की बचत भी हुई।
कंपनियों ने दिया आकर्षक पैकेज
सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि रोजगार महाकुंभ ने उम्मीदों से ज्यादा युवाओं को अवसर दिए। 100 से अधिक कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया, जिनमें 20 से ज्यादा विदेशी कंपनियां रहीं। कंपनियों ने आकर्षक पैकेज के साथ ऑफर लेटर सौंपे। यह आयोजन युवाओं और कंपनियों को एक मंच पर लाने की दिशा में बड़ा कदम है। साथ ही आश्वासन दिया कि आगे भी वृहद स्तर पर ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा।